माहिष्मती घाट स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग में 17वें वर्ष भी हुआ महा अभिषेक, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से मांगी मनोकामनाएं

माहिष्मती घाट स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग में 17वें वर्ष भी हुआ महा अभिषेक, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से मांगी मनोकामनाएं

रेवांचल टाईम्स – मण्डला सावन मास की पावनता और भगवान शिव की भक्ति का अनूठा संगम एक बार फिर मंडला जिले के प्रसिद्ध माहिष्मती घाट पर देखने को मिला। यहाँ स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग पर विगत 17 वर्षों से परंपरागत रूप से महा रुद्राभिषेक का आयोजन किया जा रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी सावन मास के द्वितीय सोमवार को भगवान शिव का भव्य महा अभिषेक संपन्न हुआ। सुबह से ही घाट पर श्रृद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से माहौल पूरी तरह शिवमय हो गया। भक्तों ने पूरे श्रृद्धा भाव से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और अपनी मनोकामनाएं अर्पित कीं। कार्यक्रम के मुख्य आचार्य पंडित सुभाष तिवारी द्वारा विधिवत मंत्रोच्चारण और वैदिक विधियों से भगवान शिव की पूजन-अर्चना कराई गई।


श्रद्धा और भक्ति से भरा रहा दिन

इस विशेष अवसर पर मंडला शहर के प्रमुख शिवभक्तों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। दीपक बैरागी, कुनाल लहेरिया, श्रीमती संध्या शिवहरे, संतोषी सिंगरौरे, चिक्की सिलेवार, अमित देशराज, आकांक्षा, चीकू, रोहित बघेल, ललित, आशु, रघुवंशी, मोनिका चौरसिया, त्रिभुवन नाथ द्विवेदी सहित सैकड़ों श्रृद्धालुओं ने पूजन में सहभागिता कर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। घाट पर सुबह से शाम तक पूजा, रुद्रपाठ, भजन-कीर्तन और शिव चालीसा पाठ की मनोहारी प्रस्तुतियों से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। भक्तों ने जल, दूध, शहद, दही और घी से रुद्राभिषेक कर शिवलिंग को स्नान कराते हुए आस्था की मिसाल पेश की।

धार्मिक परंपराओं को सहेजता आयोजन

इस अवसर पर पंडित सुभाष तिवारी ने बताया कि विगत 17 वर्षों से यह महा अभिषेक लगातार सावन मास के प्रत्येक सोमवार को श्रद्धा और नियमपूर्वक किया जा रहा है। यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक परंपराओं को जीवंत बनाए हुए है, बल्कि युवा पीढ़ी को भी भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों से जोड़ रहा है। मंडला के धार्मिक इतिहास में माहिष्मती घाट का विशेष स्थान है, और यहाँ पर द्वादश ज्योतिर्लिंग की मान्यता के साथ होने वाले अभिषेक आयोजन न केवल स्थानीय श्रद्धालुओं बल्कि दूर-दराज़ से आने वाले शिव भक्तों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनते जा रहे हैं।

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