रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा जितेन्द्र अलबेला
जिले के पर्यटन मानचित्र को नई पहचान देने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है।
कलेक्टर हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता में आयोजित जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रसिद्ध पर्यटन ग्राम देवगढ़ और चिमटीपुर को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त बनाया जाएगा।अब इन गांवों में पर्यटक अपने साथ प्लास्टिक की बोतलें या खाद्य सामग्री के पाउच नहीं ले जा सकेंगे।
इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए गांवों के प्रवेश द्वार पर विशेष जांच नाके स्थापित किए जाएंगे।प्रमुख निर्णय एक नज़र मेंनो प्लास्टिक ज़ोन देवगढ़ और चिमटीपुर में प्लास्टिक सामग्री पूरी तरह प्रतिबंधित।
होम स्टे का हब जिले के 12 गांवों में 100 से अधिक होम स्टे तैयार हो रहे हैं, जो मध्य प्रदेश में सर्वाधिक हैं।कनेक्टिविटी जिला मुख्यालय से प्रमुख पर्यटन स्थलों तक बसें चलाने की योजना।
प्रतियोगिता पर्यटन स्थलों के प्रचार के लिए ऑनलाइन फोटोग्राफी कॉम्पिटिशन का आयोजन होगा।होम स्टे निर्माण में प्रदेश में अव्वल छिंदवाड़ाकलेक्टर नारायन ने समीक्षा के दौरान बताया कि जिले के 12 गांवों में 100 से अधिक होम स्टे का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने निर्देश दिए कि इन कार्यों को समय-सीमा में पूरा किया जाए ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। बैठक के अंत में देवगढ़ के होम स्टे हितग्राहियों को टाटा स्ट्राइव और ताज ग्रुप द्वारा दिए गए प्रशिक्षण के प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
तामिया में जनजागरूकता और कुकड़ीखापा का कायाकल्पतामिया क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए वहां विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही, कुकड़ीखापा वॉटर फॉल के सौंदर्यीकरण के लिए मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें रेलिंग, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार शामिल है।”
हमारा लक्ष्य छिंदवाड़ा को इको-फ्रेंडली टूरिज्म का मॉडल बनाना है। जनसहयोग से हम देवगढ़ और चिमटीपुर को देश के स्वच्छतम पर्यटन ग्रामों की श्रेणी में लाएंगे।
“हरेंद्र नारायन, कलेक्टर, बैठक में इनकी रही मौजूदगीबैठक में एसपी अजय कुमार पाण्डेय, डीएफओ साहिल गर्ग, जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार, एडीएम धीरेन्द्र सिंह और नगर निगम आयुक्त सीपी राय सहित पर्यटन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
