जर्जर शौचालय, अव्यवस्थित व्यवस्थाएं—विधायक के कड़े तेवर, शिक्षा अधिकारियों पर उठे सवाल
दैनिक रेवांचल टाइम्स, सिवनी।
सिवनी जिले के शासकीय स्कूलों की बदहाल स्थिति का मामला अब मध्यप्रदेश विधानसभा तक पहुंच गया है। जिले के कई विद्यालयों में जर्जर शौचालय, अधूरी मूलभूत सुविधाएं और अव्यवस्थित शैक्षणिक व्यवस्थाओं को लेकर विधायक दिनेश राय मुनमुन ने सदन में तीखे सवाल उठाते हुए शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर नाराजगी जताई।
विधानसभा में चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि सिवनी के अनेक स्कूलों में विद्यार्थियों को बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। खासतौर पर शौचालयों की जर्जर हालत, स्वच्छता का अभाव और रखरखाव में लापरवाही के कारण छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है, जो उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विधायक ने सदन में जमीनी हकीकत उजागर करते हुए कहा कि कागजों में योजनाएं पूर्ण दर्शाई जा रही हैं, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निरीक्षण और निगरानी व्यवस्था पूरी तरह कमजोर पड़ चुकी है।
इस मामले के सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और जिला परियोजना समन्वयक (DPC) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि विद्यालयों के निरीक्षण, निर्माण कार्यों और रखरखाव की नियमित मॉनिटरिंग नहीं होने से हालात लगातार बिगड़ते गए।
वही विधायक ने मांग की है कि जिले के सभी स्कूलों का भौतिक सत्यापन कराया जाए और जहां भी लापरवाही मिले वहां जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
इधर अभिभावकों और नागरिकों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। अब इस मुद्दे पर शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है, इस पर पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं।
