अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘शासकीय सेवक वेलफेयर सोसायटी’ द्वारा गरिमामय आयोजन
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला
जिला मुख्यालय स्थित लघु वेतन कर्मचारी संघ के सभाकक्ष में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य “शासकीय सेवक मातृत्व शक्ति सम्मान समारोह–2026 संपन्न हुआ। शासकीय सेवक वेलफेयर सोसायटी, छिंदवाड़ा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जिले की उन महिला अधिकारियों और कर्मचारियों के योगदान को सराहा गया, जो प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ समाज निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
फूलों की वर्षा से हुआ भव्य स्वागत
समारोह में जिले के विभिन्न विभागों से बड़ी संख्या में महिला शक्ति शामिल हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। संस्था द्वारा उपस्थित सभी महिलाओं का स्वागत फूलों, गुलदस्तों और गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर किया गया। इस अवसर पर 100 से अधिक महिलाओं को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रशस्ति पत्र एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम में नन्ही प्रतिभाओं ने अपनी कला से समां बांध दिया l
कु. सृष्टि रामटेके ने गणेश वंदना से मंगल शुरुआत की।
कु. समृद्धि समरिया एवं कु. निधि श्रीवास्तव ने मनमोहक क्लासिकल नृत्य प्रस्तुत किया।
कु. अनन्या द्वारा किए गए ओजस्वी काव्य पाठ की सभी ने सराहना की।
डॉ. मनीषा जैन ने महिलाओं की सामाजिक और प्रशासनिक भूमिका पर प्रेरणादायक व्याख्यान दिया।
”महिला शक्ति प्रशासन, समाज और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उनका समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा समाज को नई दिशा प्रदान करती है।
समारोह के वक्ताओं के मुख्य अंश
वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामय उपस्थिति
समारोह में बतौर अतिथि डिप्टी कलेक्टर श्रीमती राजनंदनी सिंह ठाकुर, सहायक खनिज अधिकारी श्रीमती स्नेहलता ठवरे, जिला पंचायत टास्क मैनेजर श्रीमती ममता नामदेव, श्रीमती सोनल बंदेवार और डॉ. टीकमणि पटवारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन आकाशवाणी उद्घोषिका गीतांजलि गीत ने किया।
सफलता में इनका रहा विशेष योगदान
आयोजन को सफल बनाने में शासकीय सेवक वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सतीश गोंडाने, जिला सचिव अरविंद भट्ट, जिला संयोजक मोहित सूर्यवंशी और कार्यक्रम समन्वयक सुधा नागवंशी ने मुख्य भूमिका निभाई। साथ ही डॉ. एम.के. मौर्य, रमेश शर्मा, शेखर पांडे, ताराचंद भलावी, सुशील दोईजड़ सहित अन्य सहयोगियों का विशेष योगदान रहा।
