लेखक चंद्रकांत सी पूजारीगुजरात दैनिक रेवांचल टाईम्स – कभी राजनीति को सेवा का सबसे पवित्र माध्यम माना जाता था। यह वह मार्ग था, जहाँ व्यक्ति अपने निजी हितों से ऊपर उठकर समाज, देश और लोकतंत्र के हित में कार्य करता था। राजनीति में प्रवेश का अर्थ था—त्याग, सिद्धांत, संघर्ष और जनकल्याण। परंतु आज के समय … Continue reading आलेख, शीर्षकराजनीति अब सेवा नहीं, एक व्यवसाय बन चुकी है जहाँ भावनाएँ बिकती हैं और वोट खरीदे जाते हैं…
Copy and paste this URL into your WordPress site to embed
Copy and paste this code into your site to embed