रेवांचल टाइम्स संवाददाता, उमाकांत त्रिपाठी (पन्ना)पन्ना जिले के पवई क्षेत्र से होकर गुजरने वाली पवई–सलेहा–नागौद मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य पिछले चार वर्षों से अधर में लटका हुआ है। वर्ष 2016-17 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में इस सड़क का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था,
लेकिन आज भी यह मार्ग कई स्थानों पर अधूरा पड़ा है।दो किलोमीटर पक्की सड़क, फिर 100–200 मीटर गायबस्थानीय लोगों के अनुसार पवई से सलेहा की ओर पड़रिया कला तक डामर की चौड़ी सड़क बनाई गई, परंतु हर दो-तीन किलोमीटर पर 100 से 200 मीटर तक सड़क को खोदकर छोड़ दिया गया है।
इन हिस्सों में न तो पक्की सड़क है और न ही समुचित कच्चा मार्ग, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।खतरनाक मोड़ अधूरे, नई सड़क भी नहीं जुड़ीपवई से ग्राम मनकी के बीच खतरनाक मोड़ों को सीधा करने के लिए नई सड़क का निर्माण किया गया, लेकिन उसे मुख्य मार्ग से जोड़ा ही नहीं गया।
परिणामस्वरूप कई स्थानों पर सड़क अधूरी और असुरक्षित बनी हुई है।50 किलोमीटर मार्ग पर दर्जनों अधूरे हिस्सेपवई से सलेहा होते हुए नागौद तक लगभग 50 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर पचास से अधिक स्थानों पर सड़क अधूरी पड़ी है। चार वर्षों से गड्ढों और अधूरे हिस्सों के कारण प्रतिदिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें जान-माल का नुकसान भी सामने आ रहा है।
निर्माण एजेंसी और अधिकारी नदारदस्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी अपनी मशीनरी और कर्मचारियों के साथ स्थल से गायब है। वहीं पीआईयू सड़क विभाग और संबंधित अधिकारियों की निष्क्रियता भी सवालों के घेरे में है।
जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांगविधानसभा क्षेत्र पवई और गुनौर के अंतर्गत आने वाले इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। क्षेत्रवासियों ने पन्ना जिले के जनप्रतिनिधियों और विधायकों से मांग की है कि वे इस अधूरे निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने में हस्तक्षेप करें, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और आवागमन सुगम हो सके।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब पूरे मध्यप्रदेश में सड़कों का चौड़ीकरण और निर्माण युद्धस्तर पर हो रहा है, तब पवई–सलेहा–नागौद मार्ग की यह बदहाल स्थिति शासन-प्रशासन की उदासीनता को दर्शाती है।
जनहित में आवश्यक है कि इस सड़क का निरीक्षण एवं सर्वे कराकर शेष निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
