उपायुक्त गणेश भावर ने परखी बिछुआ की शिक्षा व्यवस्था: आदिवासी बालक आश्रम की चकाचक व्यवस्था देख हुए गदगद

​ रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला

संभागीय उपायुक्त गणेश भावर ने गुरुवार को आदिवासी बाहुल्य बिछुआ विकासखंड का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता और आवासीय सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया। आदिवासी बालक आश्रम में व्यवस्थाएं इतनी पुख्ता मिलीं कि उपायुक्त ने अधीक्षक और बीईओ की पीठ थपथपाते हुए उन्हें पुरस्कृत करने के निर्देश दिए।


​छात्रों के ज्ञान और आत्मविश्वास ने जीता दिल
​निरीक्षण के दौरान उपायुक्त भावर ने सीधे क्लासरूम का रुख किया और छात्रों से विषय आधारित सवाल पूछे। नन्हे छात्रों ने जिस बेबाकी और आत्मविश्वास के साथ उत्तर दिए, उसे देख उपायुक्त काफी प्रभावित हुए। उन्होंने बच्चों के शैक्षणिक स्तर की सराहना करते हुए इसे बेहतर भविष्य की नींव बताया।


​साफ-सफाई और सुविधाओं का लिया जायजा
​आश्रम परिसर के निरीक्षण में उपायुक्त ने निम्नलिखित व्यवस्थाओं को परखा
​स्वच्छता: शयन कक्ष और परिसर पूरी तरह साफ-सुथरा मिला।
​पेयजल: आरओ वाटर सिस्टम और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता।
​भोजन: भोजन कक्ष और आहार की गुणवत्ता पर संतोष जताया।
​अनुशासन: छात्रों के बीच बेहतर अनुशासन और व्यवस्थागत तालमेल।
​”शिक्षा अधिकारियों की सक्रियता ही जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाती है। बिछुआ में जिस तरह का काम हो रहा है, वह सराहनीय है।”
गणेश भावर, संभागीय उपायुक्त


​सम्मान के लिए प्रस्तावित होंगे नाम
​आश्रम की उत्कृष्ट स्थिति को देखते हुए उपायुक्त ने अधीक्षक देवानंद नागरे की कार्यशैली को मिसाल बताया और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को निर्देश दिए कि अधीक्षक का नाम जिला एवं संभाग स्तर पर सम्मान के लिए प्रस्तावित किया जाए। साथ ही, विकासखंड में शिक्षा व्यवस्था की सतत मॉनिटरिंग के लिए बीईओ लक्ष्मीकांत मिश्रा के प्रयासों की भी मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

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