सड़क उखाड़कर छोड़ी, छह माह से अधूरा काम – हादसों का खतरा, स्वास्थ्य पर असर
दैनिक रेवांचल टाइम्स | मंडला
मंडला जिले में चल रहे सड़क निर्माण कार्य ने लोगों को राहत देने के बजाय नई परेशानी खड़ी कर दी है। खासकर मंडला–डिंडोरी मार्ग पर निर्माण की कछुआ चाल और उड़ती धूल ने राहगीरों व सड़क किनारे रहने वाले परिवारों का जीवन दूभर कर दिया है।
छह माह पहले ठेका कंपनी द्वारा मंडला से आमनाला, आईटीआई, पादरी, पटपरा और रामनगर तक की डामरीकृत सड़क को उखाड़ दिया गया, लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य लगभग ठप पड़ गया।
सड़क पर डाली गई मिट्टी-मुरम में नियमित पानी का छिड़काव न होने से वाहनों के गुजरते ही धूल के गुबार उठ रहे हैं। हालत यह है कि बाइक और ऑटो चालक धूल में सराबोर हो रहे हैं, वहीं घरों के भीतर तक धूल पहुंचने से लोगों को सांस लेने में दिक्कत और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगी हैं।
गड्ढों में तब्दील सड़क, दोगुना हुआ सफर का समय पहले जहां यह सफर सुगम था, अब उखड़ी सड़क और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण 30 मिनट का रास्ता एक घंटे से अधिक में तय करना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार भारी वाहनों की आवाजाही से हालात और खराब हो गए हैं तथा दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है।492 करोड़ की परियोजना, पर काम सुस्तबताया जा रहा है कि डिंडौरी से मंडला तक टू-लेन पेव्ड शोल्डर सड़क का निर्माण लगभग 492 करोड़ रुपये की लागत से किया जाना है। मोहगांव तक काम पूरा होने के बाद शेष हिस्सों में निर्माण बेहद धीमी गति से चल रहा है।
उखाड़ी गई डामर और गिट्टी को पटपरा स्थित प्लांट में डंप कर दिया गया, लेकिन नई सड़क बनाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई।अधूरे पुल-कल्वर्ट और असुरक्षित डायवर्जनमार्ग में कई पुल और कल्वर्ट अधूरे पड़े हैं। डायवर्जन बारिश में बह चुके हैं, जिससे जाम की स्थिति बनती रही।
सड़क पर न संकेतक हैं और न ही पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, जिससे राहगीरों की परेशानी और बढ़ गई है।गुणवत्ता और लापरवाही पर उठे सवालआमनाला, रसैयादौना सहित आसपास की ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है। उनका कहना है कि ठेका कंपनी मनमानी कर रही है और जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
नागरिकों की प्रमुख मांगेंनिर्माण कार्य समयबद्ध पूरा किया जाएमुरम में नियमित पानी का छिड़काव कराया जाएसुरक्षा संकेतक और वैकल्पिक मार्ग दुरुस्त किए जाएंसड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच होलापरवाह ठेकेदार व जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होस्थानीय लोगों का साफ कहना है कि सड़क निर्माण विकास का प्रतीक होता है, लेकिन लापरवाही के कारण यही काम आज उनके लिए परेशानी और खतरे का कारण बन गया है।
