अग्नि मित्र व हाथी दल मित्रों को बैग और पानी की बोतल देकर किया गया सम्मानित
दैनिक रेवांचल टाइम्स – बजाग। आदर्श वनग्राम चांडा में मध्यप्रदेश वन विभाग द्वारा वन्य प्राणी प्रबंधन समिति, अग्नि मित्र एवं हाथी दल मित्रों के लिए एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। रेस्ट हाउस परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को वन एवं वन्य प्राणियों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं की रोकथाम के लिए सामुदायिक सहभागिता को सशक्त बनाना रहा।
कार्यक्रम अशोक सोलंकी, वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) की गरिमामयी उपस्थिति में समिति सदस्यों एवं हाथी दल मित्रों को बैग एवं पानी की बोतल वितरित कर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वन क्षेत्र से लगे ग्रामों में स्थानीय नागरिकों की सजगता, सतर्कता और सक्रिय सहयोग से ही जंगल और वन्य प्राणियों की प्रभावी सुरक्षा संभव है। विशेष रूप से हाथियों के आवागमन वाले क्षेत्रों में ग्रामीणों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक है।
कार्यक्रम में अर्जुनसिंह धुर्वे (पद्मश्री) की विशिष्ट उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। साथ ही जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र के गणमान्य नागरिक एवं वन विभाग का अमला भी मौजूद रहा। वन परिक्षेत्राधिकारी हर्षित सक्सेना (बजाग), रेवा सिंह परस्ते (गोराकनहारी), सिद्धार्थ तिवारी (समनापुर), मिथिलेश सिसोदिया (बजाग उत्पादन) एवं अजय मुकुंद पोल (वनपाल) सहित कई डिप्टी रेंजर और वनरक्षक कार्यक्रम में सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।
कार्यशाला के दौरान अधिकारियों द्वारा वन संरक्षण, अवैध कटाई की रोकथाम, जंगल में आग की घटनाओं से बचाव तथा हाथियों की मूवमेंट के समय अपनाई जाने वाली आवश्यक सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी गई। ग्रामीणों को समझाया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना दें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, अग्नि मित्र और हाथी दल मित्र उपस्थित रहे। मंच पर वन अधिकारियों द्वारा हितग्राहियों को बैग और पानी की बोतल प्रदान की गई। उपस्थित लोगों ने वन संरक्षण के संकल्प के साथ कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। रेस्ट हाउस परिसर में सुव्यवस्थित बैठक एवं भोजन व्यवस्था के कारण आयोजन अनुशासित, प्रभावी और सफल रहा।
कार्यशाला के माध्यम से ग्रामीणों में पर्यावरण संरक्षण, वन संपदा की सुरक्षा और वन्य जीवों के प्रति जिम्मेदारी की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश प्रसारित किया गया।
