एडवोकेट गोपाल सिंह बघेल ने किया समर्थन, कांग्रेस नेतृत्व से की पहल की अपील
जबलपुर। लोकनीति के पैरोकार, आदर्श दर्शन के प्रणेता और सुप्रसिद्ध विचारक-लेखक गुरुदेव भास्कर राव रोकड़े को राज्यसभा भेजे जाने की मांग को लेकर सम्यक अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों में चर्चा तेज हो गई है। हाई कोर्ट जबलपुर के अधिवक्ता एडवोकेट गोपाल सिंह बघेल ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा है कि गुरुदेव जैसे दूरदर्शी चिंतक और समाजनिष्ठ व्यक्तित्व को संसद के उच्च सदन में भेजना समय की आवश्यकता है
30 से अधिक पुस्तकों के लेखक, मीडिया और राजनीति के गहन जानकार
गुरुदेव भास्कर राव रोकड़े प्रमुख समाचार-पत्रों में संपादक पद की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वे अब तक 30 से अधिक पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं तथा समसामयिक विषयों पर कई पुस्तकों और रचनाओं का संपादन भी कर चुके हैं। किसान आंदोलन पर उनकी पुस्तक “पराकाष्ठा” विशेष रूप से चर्चित रही है।
मात्र 17 वर्ष की आयु से सार्वजनिक मंचों पर सक्रिय रहे श्री रोकड़े सन् 1990 से राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में भी जाने जाते हैं। बावजूद इसके उन्होंने अपने ज्ञान और अनुभव को कभी व्यवसायिक रूप नहीं दिया। वे राजनीति और मीडिया के क्षेत्र में आने वाले युवाओं को निःस्वार्थ भाव से मार्गदर्शन देते रहे हैं। इसी कारण एक राष्ट्रीय नेता ने उन्हें सार्वजनिक मंच से “गुरुदेव” कहकर संबोधित किया, जिसके बाद से वे इसी नाम से प्रसिद्ध हो गए।
“छिंदवाड़ा मॉडल” से बदल दिया था राजनीतिक माहौल
सन् 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले मध्यप्रदेश की राजनीति में जब अंतर्कलह बढ़ रही थी, तब श्री रोकड़े ने “छिंदवाड़ा मॉडल” पुस्तक लिखकर विकास की एक वैकल्पिक अवधारणा प्रस्तुत की। इस पुस्तक में छिंदवाड़ा क्षेत्र के सांसद कमलनाथ के कार्यकाल की विकास उपलब्धियों को मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया। पुस्तक का विमोचन पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर द्वारा किया गया और परिचर्चा में भाजपा व कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी ने इसे व्यापक चर्चा का विषय बना दिया। इसके बाद प्रदेश में “प्रदेश का विकास कैसा हो – छिंदवाड़ा मॉडल जैसा हो” का नारा लोकप्रिय हुआ।
चुनावी विश्लेषण और रिपोर्ट से मिली पहचान
व्यापम घोटाले के बाद प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों पर अध्ययन करते हुए श्री रोकड़े ने “सरोकार मीडिया” मंच के माध्यम से प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों की विस्तृत राजनीतिक रिपोर्ट तैयार कर 2016 में कांग्रेस नेतृत्व को सौंपी थी। इसी प्रकार 2023 विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनाव से पूर्व भी उन्होंने जीतने योग्य उम्मीदवारों और रणनीति पर आधारित विस्तृत रिपोर्ट तैयार की थी।
युवाओं के लिए चलाया “सम्यक अभियान”
शिक्षित बेरोजगार युवाओं की समस्याओं पर शोध करते हुए श्री रोकड़े ने 2 मई 2022 को रीवा के पद्मधर पार्क से “सम्यक अभियान” की शुरुआत की। इसके बाद 45 दिवसीय प्रदेशव्यापी सम्यक यात्रा भी निकाली गई। इस अभियान के माध्यम से समता, समानता, सम्यकता, सम्मान और स्वाभिमान के पांच सिद्धांतों पर समाज को जागरूक करने का प्रयास किया गया।
आज सम्यक अभियान के साथ प्रदेश के लाखों युवा जुड़ चुके हैं और विभिन्न शहरों व गांवों में अभियान को लेकर चर्चाएं और कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।
“गुरुदेव की पाठशाला” में युवाओं को प्रशिक्षण
गुरुदेव भास्कर राव रोकड़े वर्तमान में “गुरुदेव की पाठशाला” के माध्यम से प्रत्येक विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र में युवाओं तथा महिलाओं को राजनीतिक नेतृत्व और जनसेवा के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं। उनका मानना है कि यदि समाज में सक्रिय और जागरूक युवाओं को नेतृत्व का अवसर मिलेगा तो राजनीति में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
एडवोकेट गोपाल सिंह बघेल का समर्थन
हाई कोर्ट जबलपुर के अधिवक्ता एडवोकेट गोपाल सिंह बघेल ने कहा कि गुरुदेव भास्कर राव रोकड़े का सामाजिक, वैचारिक और राजनीतिक अनुभव देश और समाज के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से आग्रह किया कि ऐसे विद्वान और जनसमर्पित व्यक्तित्व को राज्यसभा भेजकर पार्टी और देश दोनों को लाभान्वित किया जाए।
