ग्राम पंचायतो में हुए घोटाले भ्रष्टाचार की जाँच के आदेश की अवहेलना पर अवमानना याचिका, पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
दैनिक रेवांचल टाइम्स जबलपुर मंडला
मंडला आदिवासी बाहुल्य जिले की जनपद पंचायत घुघरी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में पंचायत दर्पण में जम के फ़र्जीबाड़ा किया गया और शासकीय राशि मे ग़बन भ्रष्टाचार और फर्जी बिलों के जरिए शासकीय राशि के दुरुपयोग का मामला अब हाईकोर्ट तक पहुँच चुका है।
वही समाजसेवी एंव रेवांचल टाइम्स के संपादक याचिकाकर्ता मुकेश श्रीवास के द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर में दाखिल अवमानना याचिका पर माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर ने सुनते हुए भ्रष्टाचार और हुए ग़बन के मामंले में शक्त रवैया अपनाते हुए मंडला कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा को नोटिस जारी कर तलब किया है।
पंचायत दर्पण पोर्टल पर फर्जी बिलों का खेल जम के हुआ भ्रष्टाचार
याचिकाकर्ता का आरोप है कि पंचायतों द्वारा पंचायत दर्पण पोर्टल पर बिना अधिकृत फर्मों के फर्जी बिल अपलोड कर सरकारी राशि का अहरण किया गया। इन बिलों में जीएसटी तक का उल्लेख नहीं है और कई जगह तो कोरे बिल अपलोड कर दिए गए और जो कि पंचायत दर्पण में स्प्ष्ट देखें जा सकते है जनपद पंचायत घुघरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित जिला जिला पंचायत कलेक्टर मंडला को हुए सरकारी राशि मे भ्रष्टाचार ग़बन करने वाले अधिकारी कर्मचारी फर्जी वेंडर एजंसियों और भ्रष्ट सरपंच सचिवों के ऊपर जाँच कर कार्यावाही करने लिखित शिकायत प्रेषित की थी पर जिला प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारीयो उक्त शिकायत में कार्यवाही करना तो दूर की बात है प्रेषित शिकायत को देखना तक मुनाशिव नही समझा जिस पर मुकेश श्रीवास ने भ्रष्टाचार और भ्रस्टो पर कार्यवाही करने न्यायालय का दरवाजा घट खटाया उच्च न्यायालय ने मामंले को संज्ञान में लेते हुए मंडला कलेक्टर को चार सप्ताह में जाँच कर रिपोर्ट न्यायालय में पेश करने और आवेदक को अवगत कराने आदेश पारित किया था।
चार सप्ताह में भी नही हो सकी जाँच
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार कलेक्टर मंडला के द्वारा हुए आदेश में माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर की अवहेलना करते हुए और आदेश को ताक पर रखते हुए माननीय उच्च न्यायालय से प्राप्त चार सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट पेश करने के मामले में कोई भी कार्यवाही नही की और न ही तय समय सीमा में रिपोर्ट पेश की और न आवेदक को अवगत कराया गया जिसको लेकर पुनः याचिकाकर्ता ने माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में अवमानना की अपील की है और मांग की है कि जिन जिन अधिकारी कर्मचारीयो सरपंच सचिव और फर्जी एजेन्सियों के द्वारा सरकारी धन में फर्जीवाड़ा किया है उनपर सख्त कार्यवाही की जाये।
कलेक्टर और अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप
याचिकाकर्ता का कहना है कि इस मामले की शिकायत उन्होंने पहले कलेक्टर मंडला, जिला पंचायत सीईओ और कमिश्नर जबलपुर को की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। रेवांचल टाइम्स ने इस घोटाले को उजागर करते हुए खबर प्रकाशित की थी कि मंडला जिले की ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार चरम पर है और सरकारी योजनाओं की राशि का गबन हो रहा है। इसके बावजूद जांच ठंडे बस्ते में डाल दी गई।
हाईकोर्ट ने दिए थे चार सप्ताह में जांच के आदेश
इस मामले पर पूर्व में माननीय उच्च न्यायालय ने कलेक्टर मंडला को आदेश दिया था कि चार सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर कार्रवाई की जाए। लेकिन आदेश का पालन नहीं किया गया। इसी लापरवाही पर अब अदालत ने सख्ती दिखाते हुए कलेक्टर को अवमानना याचिका में नोटिस जारी किया है।
जस्टिस बंसल ने मांगा जवाब
माननीय जस्टिस श्री बंसल की बेंच ने कलेक्टर सोमेश मिश्रा को आदेश दिया है कि वे चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब अदालत में प्रस्तुत करें। इस मामले की पैरवी अधिवक्ता श्री गोपाल सिंह बघेल द्वारा की जा रही है।
