पारंपरिक रीति-रिवाजों से दी गई बुराई पर अच्छाई की आहुति, विश्व शांति की कामना
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला
नागपुर रोड स्थित महर्षि विद्या मंदिर में होली की पूर्व संध्या पर ‘होलिका दहन’ का आयोजन हर्षोल्लास एवं धार्मिक श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। महर्षि संस्थान की परंपराओं का निर्वहन करते हुए इस अवसर पर विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया।
विधि-विधान से हुआ पूजन
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के समस्त स्टाफ, अभिभावकों और विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक रूप से होलिका माता के पूजन के साथ किया गया। पारंपरिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर सभी उपस्थित जनों ने सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। आयोजन में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सूखे कंडों एवं सूखी लकड़ियों का उपयोग कर होली प्रज्ज्वलित की गई।
विश्व शांति का संदेश
उल्लेखनीय है कि महर्षि विश्वशांति आंदोलन तथा महर्षि आध्यात्मिक जनजागरण अभियान के अंतर्गत संस्थान में सभी पर्व अपनी प्राचीन गौरवशाली परंपराओं के अनुसार मनाए जाते हैं। महर्षि जी की मंशा के अनुरूप, ये आयोजन मात्र धार्मिक उत्सव न होकर जनचेतना और जनजागरण का एक सशक्त माध्यम हैं।
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि ऐसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य भावी पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना और संपूर्ण विश्व में शांति, सद्भाव एवं भाईचारे का संदेश प्रसारित करना है। होलिका की अग्नि के साथ ही उपस्थित जनों ने अपनी बुराइयों को त्यागने और अच्छाई के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
