टमस नदी घाट पर अवैध बालू उत्खनन बेलगाम अतरैला–जवा क्षेत्र में बालू माफिया सक्रिय, जिम्मेदार अधिकारी बने मूकदर्शक

Illegal sand mining at the Tamsa River Ghats; sand mafia active in the uncontrolled Atraila-Jawa area, responsible officials remain mute spectators.

दैनिक रेवांचल टाइम्स जवा/अतरैला (रीवा)। टमस नदी के जोन्हा, गोहटा, कोनी कर्रऊँ, जवा, झलवा, बेलगवा और कुशमैदा घाटों पर अवैध बालू उत्खनन लगातार जारी है। मशीनों और नावों के जरिए दिन-रात चल रहे इस अवैध कारोबार ने कानून व्यवस्था और राजस्व दोनों पर गहरी चोट पहुंचाई है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अतरैला थाना प्रभारी उपनिरीक्षक विजय सिंह, जवा थाना प्रभारी निरीक्षक कमलेश साहू और खनिज अधिकारी दीपमाला तिवारी की शह पर यह सब धड़ल्ले से हो रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार अवैध रूप से भरे ट्रैक्टर और हाइवा थानों के सामने से सीधे गुजरते हैं, लेकिन कार्रवाई का नाम तक नहीं लिया जाता। इससे साफ संकेत मिलता है कि बालू माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने में संबंधित अधिकारी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।

स्थानीय सूत्र बताते हैं कि अतरैला थाना क्षेत्र में जहां नशे का कारोबार बेखौफ जारी है, वहीं दूसरी ओर टमस नदी के घाटों पर बालू का अवैध उत्खनन चरम पर है। जवा थाना क्षेत्र में भी नवागत थाना प्रभारी के आने के बाद से गैरकानूनी गतिविधियों में और तेजी आई है। कोरेक्स और अन्य नशे के कारोबारियों के साथ बालू माफिया के हौसले बुलंद हैं और वे खुलेआम कानून को चुनौती दे रहे हैं।

Illegal sand mining at the Tamsa River Ghats; sand mafia active in the uncontrolled Atraila-Jawa area, responsible officials remain mute spectators.
Illegal sand mining at the Tamsa River Ghats; sand mafia active in the uncontrolled Atraila-Jawa area, responsible officials remain mute spectators.

ग्रामीणों में इस अवैध उत्खनन को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि नदी घाटों की बेतहाशा खुदाई से पर्यावरण को नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही खेतों, पेयजल स्रोतों और गांव की प्राकृतिक संरचना पर खतरा बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध उत्खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए और इसमें शामिल अधिकारियों सहित दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

इस बीच खनिज अधिकारी से लगातार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनके द्वारा फोन नहीं उठाया जाता। कार्यालय पहुंचने पर अक्सर अनुपस्थित मिलती हैं, और मिलने पर भी केवल परिचित लोगों में व्यस्त दिखाई देती हैं। इससे क्षेत्र में यह जनचर्चा फैल गई है कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित थाना प्रभारियों के सहयोग से अवैध खनन को संरक्षण दिया जा रहा है।

गौरतलब है कि रीवा आईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाए, लेकिन मैदान में इसकी कोई झलक देखने को नहीं मिल रही है।

अब देखना यह होगा कि बढ़ते जनदबाव और आरोपों के बीच प्रशासन क्या कदम उठाता है और टमस नदी घाट को अवैध खनन से कब मुक्ति मिलती है।

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