दैनिक रेवांचल टाईम्स | मंडला
मंडला जिला में विकास के दावों की पोल अब खुलकर सामने आ रही है। जमीनी हकीकत यह है कि योजनाएं कागजों में पूरी हो रही हैं और जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए भटक रही है। हालात इतने गंभीर हैं कि हर विभाग कटघरे में खड़ा नजर आ रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे हुए हैं।
शिक्षा विभाग कटघरे में
सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था लगातार गिर रही
मध्यान्ह भोजन की राशि समय पर नहीं
शिक्षक मुख्यालय से नदारद
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी जारी
सवाल विधायक और शिक्षा अधिकारियों से:
सरकारी स्कूलों से बच्चों का भविष्य क्यों अंधेरे में धकेला जा रहा है?
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही
अस्पतालों में डॉक्टर और सुविधाओं का अभाव
झोलाछाप डॉक्टरों का नेटवर्क सक्रिय
सरकारी डॉक्टर निजी प्रैक्टिस में व्यस्त
आयुर्वेदिक केंद्रों की जांच नहीं
सवाल स्वास्थ्य विभाग से:
क्या गरीबों के लिए सरकारी अस्पताल सिर्फ रेफर सेंटर बनकर रह गए हैं?
पंचायत एवं ग्रामीण विकास—मनमानी चरम पर
पंचायत कार्यालय नियमित नहीं खुलते
सचिव, रोजगार सहायक मुख्यालय से गायब
पंचायत की सामग्री निजी घरों में
ग्राम सभा के प्रस्तावों पर अमल नहीं
पेसा एक्ट ठंडे बस्ते में
सवाल जिला पंचायत और जनपद सीईओ से:
जब पंचायतें ही बेलगाम हैं तो ग्रामीण विकास कैसे होगा?
स्वच्छता और जल जीवन मिशन की हकीकत
स्वच्छ भारत मिशन में भारी धांधली के आरोप
कागजों में ODF, जमीनी स्तर पर खुले में शौच
जल जीवन मिशन अधूरा
गंदगी से बीमारी का खतरा
सवाल प्रशासन से:
क्या सिर्फ पोर्टल पर फीडिंग से जिले को स्वच्छ घोषित कर दिया जाएगा?
प्रधानमंत्री आवास और निर्माण कार्यों में गड़बड़ी
प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितताएं
घटिया निर्माण कार्य
गुणवत्ता पर कोई मॉनिटरिंग नहीं
सवाल संबंधित विभाग से:
गरीबों के घर भी भ्रष्टाचार की भेंट क्यों चढ़ रहे हैं?
अवैध कारोबार और खनिज लूट
अवैध स्टोन क्रेशर संचालित
खनिज संपदा का दोहन
सट्टा, जुआ, अवैध शराब का कारोबार
नर्मदा घाट बदहाल
सवाल खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग से:
क्या यह सब बिना संरक्षण के संभव है?
जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन फेल
सीएम हेल्पलाइन
आवेदनों का निराकरण नहीं
“संकल्प से समाधान” के आवेदन लंबित
सवाल कलेक्टर से:
जनसुनवाई सिर्फ औपचारिकता बनकर क्यों रह गई है?
सीधे जनप्रतिनिधियों से सवाल
सांसद और विधायक बताएं—जिले के लिए आपका रोडमैप क्या है?
जिला पंचायत अध्यक्ष बताएं—पंचायतों में अनुशासन कब आएगा?
जनपद अध्यक्ष जवाब दें—योजनाओं की मॉनिटरिंग क्यों नहीं?
जनता की चेतावनी
अब मंडला की जनता जवाब चाहती है—
शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार कब?
सड़क, पानी और रोजगार की व्यवस्था कब?
भ्रष्टाचार पर कार्रवाई कब?
अगर समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो यह जनआक्रोश बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
