दैनिक रेवांचल टाइम्स बजाग – आदर्श ग्राम एवं बैगांचल क्षेत्र के वनग्राम चांडा में परंपरागत मड़ई मेले का भव्य आयोजन किया गया। साल वनों से आच्छादित हरित-भरे वातावरण में आयोजित इस मड़ई में आसपास के गांवों सहित दूर-दराज से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और मेले का आनंद लिया।
मड़ई में क्षेत्रीय व्यापारियों द्वारा बर्तन, कपड़े, हार्डवेयर, ज्वेलरी, खेल-खिलौने सहित विभिन्न प्रकार की दुकानों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। ग्रामीणों ने जमकर खरीदारी की। बच्चों और युवाओं के मनोरंजन के लिए झूले, जंपिंग झपाक और अन्य खेल-करतब भी लगाए गए, जहां दिनभर रौनक बनी रही।
मुख्य रूप से बैगा जनजाति के लोग पारंपरिक वेशभूषा, माला-पगड़ी और पारंपरिक श्रृंगार में सज-धज कर मड़ई में पहुंचे। वहीं अहीरों की टोली ढोल-मांदर की थाप पर थिरकती नजर आई, जिससे पूरा वातावरण लोक-सांस्कृतिक रंग में रंग गया। मड़ई के अवसर पर मड़िहारों द्वारा वन देवी की विशेष पूजा-अर्चना की गई।
हाथों में मोरपंख थामे और ढोल-धपली की गूंज के बीच नृतक दल झूमते दिखाई दिए।ग्रामीण अंचल की प्रसिद्ध देशी मिठाइयों जैसे गुड़गप्पा और जलेबी की दुकानों पर भी जायका लेने लोगों की भीड़ उमड़ती रही।
मेले में जनसमूह के बीच उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।
चांडा के सरपंच गोविंद बोरकर ने ग्राम पंचायत की ओर से मड़ई के शांतिपूर्ण एवं सफल आयोजन पर सभी ग्रामीणों और आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
