रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आह्वान एवं जिला कलेक्टर हरेंद्र नारायण के निर्देशन में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड छिंदवाड़ा द्वारा ग्राम विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
विकासखंड के सेक्टर क्रमांक 5 के ग्राम गुरैया में नवांकुर संस्था ‘पंचरत्न शिक्षा विकास समिति’ के माध्यम से ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों का क्षमता वर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
आदर्श ग्राम की परिकल्पना ही है आदर्शता प्रस्तुत करना अखिलेश जैन
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला समन्वयक अखिलेश जैन एवं ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती निशा धुर्वे द्वारा मां सरस्वती के पूजन के साथ किया गया। जिला समन्वयक जैन ने उपस्थित सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि जन अभियान परिषद की मूल अवधारणा स्वैच्छिकता, सामूहिकता और स्वावलंबन पर आधारित है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि “सभी प्रस्फुटन समितियां मिलकर ग्राम को नशामुक्त, स्वच्छ और स्वावलंबी बनाने का प्रयास करें, तभी आदर्श ग्राम की परिकल्पना साकार होगी।
सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागृति आवश्यक विनोद तिवारी
परामर्शदाता एवं समाजसेवी विनोद तिवारी ने सामाजिक सुधारों पर बल देते हुए कहा कि ग्राम स्वराज्य का सपना तभी पूरा होगा जब समाज में सकारात्मक वातावरण निर्मित होगा और हम कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होंगे। उन्होंने शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन और जल संरक्षण में समितियों की भूमिका को रेखांकित किया।
प्रमुख वक्ताओं के विचार एवं मार्गदर्शन
डॉ. लता नागले उन्होंने समितियों को अपने कर्तव्यों का बोध कराते हुए सामुदायिक विकास के लिए ग्राम स्तर पर योजना तैयार करने और उनकी निगरानी करने का सुझाव दिया।
श्रीमती निशा धुर्वे (सरपंच) उन्होंने विश्वास दिलाया कि ग्राम पंचायत, जन अभियान परिषद की इन समितियों को पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुँच सके।
रवि सिंह चंदेल (अध्यक्ष, नवांकुर संस्था): उन्होंने स्वागत उद्बोधन देते हुए सभी सदस्यों को परिषद के साथ समन्वय बनाकर समाजसेवी कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन व आभार
कार्यक्रम का सफल संचालन परामर्शदाता विनोद तिवारी ने किया एवं आभार प्रदर्शन श्रीमती तृप्ति सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर स्थानीय युवा दीपक कराडे का विशेष योगदान रहा। प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में प्रस्फुटन समितियों के प्रतिनिधि, बी.एस.डब्ल्यू एवं एम.एस.डब्ल्यू के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
