वर्षों से एक ही शाखा में जमे कर्मचारी, नगर परिषद बिछिया की व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

Revanchal
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कार्य विभाजन स्पष्ट नहीं तो जवाबदेही किसकी?

शाखाओं में लंबे समय से जमे कर्मचारियों की भूमिका की समीक्षा की मांग

दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला, जिले के भुआ-बिछिया नगर परिषद भुआ-बिछिया की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर एक ऐसा सवाल सामने आया है, जिसे अब नजरअंदाज करना मुश्किल होगा। नगर परिषद की विभिन्न शाखाओं में वर्षों से पदस्थ कुछ कर्मचारियों के कार्य एवं दायित्वों का स्पष्ट और लिखित विभाजन होने को लेकर स्थिति साफ नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब कर्मचारियों की जिम्मेदारियां ही स्पष्ट नहीं होंगी, तो किसी कार्य में देरी, लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर जवाबदेही आखिर किसकी तय होगी?
नगर परिषद में राजस्व, स्थापना, लेखा, जलप्रदाय, स्वच्छता, निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण शाखाएं संचालित होती हैं। इन शाखाओं का सीधा संबंध आम नागरिकों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं और नगर की प्रशासनिक व्यवस्था से है। ऐसे में कर्मचारियों की जिम्मेदारी स्पष्ट होना महज कार्यालयीन औपचारिकता नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही की पहली शर्त है।


वर्षों से एक ही शाखा में जमे रहने पर भी समीक्षा क्यों नहीं?
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कुछ कर्मचारी लंबे समय से एक ही शाखा अथवा समान प्रकृति के कार्यों में पदस्थ हैं। यदि ऐसा है तो यह भी सवाल उठना स्वाभाविक है कि कर्मचारियों के कार्यों की समय-समय पर समीक्षा और आवश्यकतानुसार शाखा परिवर्तन अथवा कार्य विभाजन क्यों नहीं किया गया?
किस कर्मचारी के पास कौन-सी फाइल, कौन-सा कार्य और कौन-सा दायित्व है, इसकी स्पष्ट जानकारी कार्यालयीन आदेश के माध्यम से होना चाहिए। यदि कार्य विभाजन लिखित रूप से स्पष्ट नहीं है तो प्रशासनिक व्यवस्था में भ्रम की स्थिति पैदा होना स्वाभाविक है।


जिम्मेदारी तय नहीं तो लापरवाही पर कार्रवाई कैसे?
किसी नागरिक की शिकायत लंबित हो, राजस्व संबंधी काम में देरी हो, जलप्रदाय व्यवस्था प्रभावित हो, निर्माण कार्यों की निगरानी में कमी हो या किसी फाइल का निपटारा समय पर न हो—ऐसी स्थिति में संबंधित कर्मचारी की जवाबदेही तय करने के लिए कार्य विभाजन का स्पष्ट रिकॉर्ड होना जरूरी है।
कार्य विभाजन अस्पष्ट रहने पर जिम्मेदारी एक शाखा से दूसरी शाखा और एक कर्मचारी से दूसरे कर्मचारी तक जाने की संभावना बनी रहती है। इससे प्रशासनिक जवाबदेही कमजोर होती है और आम नागरिक को अपने काम के लिए कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।


क्या सुविधा के अनुसार चल रही है व्यवस्था?
स्थानीय नागरिकों के बीच यह चर्चा भी है कि स्पष्ट कार्य विभाजन नहीं होने की स्थिति में कुछ कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार कामकाज को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि इन चर्चाओं और आरोपों की वास्तविकता जांच का विषय है, लेकिन इन्हें दूर करने का सबसे आसान रास्ता पारदर्शिता है।
नगर परिषद प्रशासन यदि शाखावार कर्मचारियों के नाम, पद और निर्धारित कार्यों का स्पष्ट आदेश जारी कर सार्वजनिक कर दे तो कई सवाल स्वतः समाप्त हो सकते हैं।


वरिष्ठ अधिकारियों को करनी चाहिए समीक्षा
वही जानकारी के अनुसार नगर परिषद भुआ-बिछिया के वरिष्ठ अधिकारियों को चाहिए कि वर्षों से एक ही शाखा में कार्यरत कर्मचारियों की पदस्थापना और कार्यदायित्व की समीक्षा करें। प्रत्येक शाखा के लिए स्पष्ट कार्य विभाजन आदेश जारी किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी कर्मचारी के पास निर्धारित दायित्व से बाहर का कार्य अनावश्यक रूप से लंबे समय तक न रहे।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि किसी फाइल या नागरिक के कार्य में देरी होने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी किस स्तर पर निर्धारित होगी।


अब सवाल नगर परिषद प्रशासन से
नगरवासियों का सवाल सीधा है—यदि कर्मचारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट हैं तो उनका लिखित कार्य विभाजन आदेश सार्वजनिक क्यों नहीं किया जाता? और यदि कार्य विभाजन स्पष्ट नहीं है तो वर्षों से इस व्यवस्था की समीक्षा क्यों नहीं हुई?
वही नगर परिषद प्रशासन को इन सवालों का जवाब देना चाहिए। मामला केवल कर्मचारियों के एक ही शाखा में लंबे समय तक रहने का नहीं, बल्कि नगर परिषद की प्रशासनिक पारदर्शिता, कार्यकुशलता और जवाबदेही का है।
अब देखना यह है कि नगर परिषद प्रशासन इस मामले को सामान्य कार्यालयीन व्यवस्था मानकर टालता है या फिर शाखावार कार्य विभाजन, कर्मचारियों की जिम्मेदारी और वर्षों से एक ही शाखा में पदस्थ कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष समीक्षा कर व्यवस्था में आवश्यक सुधार करता है।

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