
रेवांचल टाइम्स घुघरी मंडला वन पट्टाधारी कृषकों को कृषि की आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने के उद्देश्य से उद्यानिकी विभाग द्वारा शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत निःशुल्क कृषि सामग्री का वितरण किया गया। विकासखंड घुघरी के वरिष्ठ उद्यान अधिकारी टी.आर. नागेश के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पात्र कृषकों को सब्जी एवं औषधीय फसलों की खेती के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्रम में मंडल उपाध्यक्ष बजारीलाल मरावी की उपस्थिति में कृषकों को शासन द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। अधिकारियों ने किसानों को बताया कि उपलब्ध कराई जा रही सामग्री का उद्देश्य खेती की लागत कम करने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक के माध्यम से उत्पादन और किसानों की आमदनी में वृद्धि करना है।
एपीआर अंतर्गत सब्जी क्षेत्र विस्तार योजना का लाभ
कार्यक्रम के दौरान एपीआर अंतर्गत सब्जी क्षेत्र विस्तार योजना के तहत पात्र वन पट्टाधारी कृषकों को ड्रिप सिंचाई उपकरण सहित अन्य आवश्यक कृषि सामग्री का निःशुल्क वितरण किया गया। ड्रिप सिंचाई पद्धति के माध्यम से कम पानी में फसलों की सिंचाई संभव होती है। इससे पानी की बचत के साथ पौधों को आवश्यकता के अनुसार पानी उपलब्ध कराया जा सकता है और फसल उत्पादन में भी सुधार की संभावना रहती है।
अधिकारियों ने किसानों को समझाया कि बदलते कृषि परिवेश में परंपरागत खेती के साथ सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देकर किसान अपनी आय के अतिरिक्त साधन विकसित कर सकते हैं। विशेष रूप से कम भूमि में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए सब्जी फसलों को लाभकारी विकल्प बताया गया।
तुलसी और अश्वगंधा बीज का वितरण
कार्यक्रम में किसानों को औषधीय फसलों की खेती के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए तुलसी एवं अश्वगंधा के बीज का भी वितरण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि दोनों फसलों का आयुर्वेदिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपयोग माना जाता है और इनकी खेती किसानों के लिए अतिरिक्त आय का माध्यम बन सकती है।
कृषकों को औषधीय फसलों की खेती की तकनीक, देखरेख और योजनाओं के माध्यम से मिलने वाले लाभों की जानकारी भी दी गई। किसानों से अपील की गई कि वे उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए सब्जी एवं औषधीय फसलों की खेती को बढ़ावा दें तथा कृषि की नई तकनीकों को अपनाएं।
लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने की उम्मीद
निःशुल्क कृषि सामग्री प्राप्त करने वाले कृषकों ने शासन की योजना पर प्रसन्नता व्यक्त की। किसानों का कहना था कि ड्रिप सिंचाई उपकरण और बीज जैसी सामग्री मिलने से खेती की शुरुआती लागत कम होगी तथा उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। वन पट्टाधारी किसानों के लिए इस तरह की योजनाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में उपयोगी कदम बताया गया।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने किसानों से योजनाओं का लाभ लेने, कृषि विभाग एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा दी जा रही तकनीकी जानकारी का पालन करने तथा खेती में वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। विभाग का उद्देश्य सब्जी और औषधीय फसलों का क्षेत्र बढ़ाने के साथ किसानों को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ कृषि की ओर प्रेरित करना है। इस पहल से वन पट्टाधारी कृषकों को पारंपरिक खेती के साथ आय के नए विकल्प मिलने की उम्मीद है।
