छात्रों ने निभाई लोकतंत्र की भूमिका, उत्कृष्ट विद्यालय में बाल चुनाव सम्पन्न

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रेवाँचल टाईम्स – मण्डला सत्र 2025-26 उत्कृष्ट विद्यालय मंडला में इस वर्ष बाल केबिनेट के लिए एक बेहद अनुशासित और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनाव संपन्न कराए गए। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों को लोकतंत्र की मूल भावना से परिचित कराना और उन्हें भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना था। चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत मतदाता सूची तैयार करने से हुई जिसमें विद्यालय के कुल 298 छात्रों को मतदाता के रूप में नामित किया गया। चुनाव में 228 छात्रों ने मतदान किया जिससे कुल 77 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया जोकि बच्चों के बीच जागरूकता और जिम्मेदारी की स्पष्ट झलक है। इस संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया का संचालन विद्यालय प्राचार्य श्रीमती कल्पना नामदेव के सशक्त मार्गदर्शन में किया गया।

उन्होंने बच्चों को न केवल नेतृत्व और भागीदारी की भावना से जोड़ा बल्कि उन्हें लोकतंत्र की बारिकियों को भी समझने का अवसर प्रदान किया। चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित मानकों का पालन करते हुए विद्यालय में एक विशेष मतदान दल गठित किया गया। इस दल में राम ज्योतिषी, नरेश ठाकुर, सीके नंदा, सुनील नंदा, श्रीमती मातेश्वरी परस्ते, प्रखर पटैल सुरक्षा कर्मी की भूमिका में शामिल थे।

Students played the role of democracy, child elections were held in Utkrishta Vidyalaya
Students played the role of democracy, child elections were held in Utkrishta Vidyalaya

वहीं मतदान के दौरान प्रेक्षक दल और माइक्रो आब्जर्वर की भी तैनाती की गई जिससे पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके। बच्चों को मत डालने की पूरी प्रक्रिया को वास्तविक चुनावों की तरह सिखाया गया। नामांकन, प्रचार, मतगणना और परिणाम की घोषणा तक का हर चरण गहराई से समझाया गया। बाल केबिनेट में शालनायक (प्रधान प्रतिनिधि) पद हेतु अरमान सोनी, चन्द्रलता मरकाम, मयंक यादव, श्रेयांश सिंगोर, मिजान अहमद छात्रों ने नामांकन किया।

प्रत्येक प्रत्याशी को प्रचार-प्रसार का भरपूर अवसर दिया गया जहां उन्होंने अपने विचार, योजनाएं और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। इस समूचे आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकों की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। चुनाव में सहयोग देने वाले शिक्षकों में प्रमुख नाम शिवम् मिश्रा, शैलेश जायसवाल, सुजाता शर्मा, के एल बरमैया, दिलेंद्र सिंगोर, नत्थू सिंह, अरुण दुबे की हैं।

इन शिक्षकों ने बच्चों को मतदान प्रक्रिया, लोकतांत्रिक मूल्यों और नैतिक मतदान की समझ देने में अहम भूमिका निभाई। इस बाल केबिनेट चुनाव ने न केवल विद्यार्थियों को मतदान का व्यावहारिक ज्ञान दिया, बल्कि उनमें जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना को भी मजबूत किया। बच्चों ने सीखा कि वोट एक अधिकार ही नहीं, जिम्मेदारी भी है। यह अभ्यास उन्हें भविष्य में 18 वर्ष की आयु पार करने के बाद मतदान करने के लिए न केवल तैयार करेगा, बल्कि उन्हें बेहतर निर्णय लेने की दिशा में भी मार्गदर्शन करेगा। विद्यालय द्वारा की गई यह पहल न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि शिक्षा को वास्तविक जीवन से जोडऩे का एक अनुकरणीय प्रयास भी है।

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