दिवाली पर जहाँ पूरा राज्य रोशनी और उत्सव में डूबा हुआ था, वहीं पूर्व कृषि मंत्री रवींद्र चौबे अपने पैतृक गाँव महुआभाटा पहुँचे और सादगी से दिवाली मनाई…
दिवाली पर जहाँ पूरा राज्य रोशनी और उत्सव में डूबा हुआ था, वहीं पूर्व कृषि मंत्री रवींद्र चौबे अपने पैतृक गाँव महुआभाटा पहुँचे और सादगी से दिवाली मनाई। क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुबह-सुबह उनके आवास पर पहुँचकर उन्हें मिठाई खिलाई और दिवाली की शुभकामनाएँ दीं। मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व मंत्री चौबे ने राज्य की भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, “दिवाली मूलतः किसानों के लिए एक त्योहार है, लेकिन इस बार खेत अंधेरे में हैं और उनके चेहरों पर मुस्कान नहीं है।”
किसानों की दिवाली फीकी
पूर्व कृषि मंत्री चौबे ने कहा कि इस दिवाली राज्य के किसान दुखी हैं। वे परेशान हैं। उन्होंने कहा कि बिजली के बिल बेतहाशा बढ़ गए हैं, खाद-बीज महंगे हो गए हैं और इस बार फसल उत्पादन भी कम हुआ है। नतीजतन, किसानों की दिवाली रोशनी से ज़्यादा चिंता से भरी है। भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार किसानों से किए गए अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है। उनकी सरकार के दौरान किसानों को हर त्योहार पर सम्मान निधि, बोनस और सहायता राशि दी जाती थी। लेकिन अब किसानों को न तो बिजली बिलों में राहत मिली है और न ही उनकी फसलों का उचित मूल्य।
भाजपा ने किसानों को ठगा है।
चौबे ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसान विरोधी है और झूठे वादों का त्योहार मना रही है। चौबे ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार दिवाली पर भले ही दीये जला रही हो, लेकिन किसानों के घरों में अंधेरा बढ़ा रही है। किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। हर चुनाव में वादे किए जाते हैं, लेकिन उनके खेतों तक बिजली पहुँचाने की बजाय बिल बढ़ा दिए जाते हैं। न तो बोनस दिया जाता है और न ही समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी। किसानों के लिए यह कैसा त्योहार है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हमेशा किसानों को प्राथमिकता दी है। हमने उन्हें सिर्फ़ वोट बैंक नहीं, बल्कि राज्य की रीढ़ माना। हमने रबी और खरीफ, दोनों मौसमों में राहत प्रदान की। हमने कर्ज़ माफ़ी की और समय पर सहायता प्रदान की। आज भाजपा सरकार में किसानों के साथ अन्याय हो रहा है।
सादगी से मनाई दिवाली, ग्रामीणों से मिले
दिवाली के अवसर पर, चौबे ने अपने परिवार और समर्थकों के साथ महुभाटा में दीप जलाए और एक मंदिर में जाकर राज्य की खुशहाली की कामना की। ग्रामीणों ने उनका माला पहनाकर और मिठाइयाँ खिलाकर स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मज़बूत करने और किसानों के मुद्दों को और मज़बूती से उठाने की अपील की।
रवींद्र चौबे का सीधा संदेश
दिवाली रोशनी का त्योहार है, लेकिन किसानों के सामने अभी भी अंधेरा है। भाजपा सरकार को अब किसानों की पीड़ा समझनी होगी। अगर यही हाल रहा, तो किसान आगामी चुनावों में इसका जवाब देंगे।
