कलेक्टर-एसपी भवन पर गरजे तेकाम, बोले – “ऑक्सीजन फेंफड़े पर बना देंगे कंक्रीट का जंगल”

Revanchal
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उद्यानिकी भूमि पर निर्माण का किया विरोध, बोले – जिला प्रशासन कर रहा मनमानी, शिक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह ध्वस्त

रेवांचल टाईम्स – मंडला गौंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश तेकाम ने जिला मुख्यालय में प्रस्तावित कलेक्टर-एसपी भवन निर्माण को लेकर जमकर विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी विभाग की हरी-भरी भूमि पर सरकारी भवन बनाना “पर्यावरण के खिलाफ युद्ध” है। यह निर्णय न केवल जनविरोधी है, बल्कि शहर की ऑक्सीजन लाइफलाइन को खत्म करने वाला कदम है।

तेकाम ने पत्रकार वार्ता में कहा कि कोरोना काल में इसी उद्यानिकी परिसर की हरियाली ने शहरवासियों को ऑक्सीजन दी थी, और आज उसी क्षेत्र को कंक्रीट के ढेर में बदलने की तैयारी हो रही है।

उन्होंने सवाल उठाया – “जब यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है, तब निर्माण की मंजूरी आखिर कैसे दी जा सकती है?”

वार्ता स्थल पर मचा हड़कंप

जिला पंचायत उपाध्यक्ष के कक्ष में हुई यह पत्रकार वार्ता रोचक बन गई। पत्रकारों की भीड़ देखते हुए कार्यक्रम सभाकक्ष में स्थानांतरित करना पड़ा, लेकिन वहां “जिला पंचायत सभाकक्ष” लिखे बोर्ड की पृष्ठभूमि कैमरे में आने से टकराव की स्थिति बन गई। अंततः पत्रकारों की सलाह पर वार्ता उपाध्यक्ष कक्ष में ही संपन्न हुई।

पांच किलोमीटर की परिधि में बनाएं भवन”

तेकाम ने सुझाव दिया कि शहर से बाहर, पांच किलोमीटर की परिधि में प्रशासनिक भवन बनाए जा सकते हैं। वहां आने-जाने के लिए सभी साधन उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा – “शहर के फेफड़े में भवन ठोकना, आने वाली पीढ़ियों के प्रति अन्याय है।”

शिक्षा और जनजातीय विकास विभाग पर भी तीखा प्रहार


शिक्षा समिति के पदेन अध्यक्ष होने के नाते तेकाम ने स्वीकार किया कि जिले की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार चरम पर है, परंतु प्रशासन और सरकार जानबूझकर आंख मूंदे बैठी है।
उन्होंने बताया कि जनजातीय विकास विभाग के सहायक आयुक्त को पांच-पांच पत्र लिखे गए, परंतु किसी का भी जवाब नहीं आया। प्रतिबंध के बावजूद ट्रांसफर और संलग्नीकरण की खुली धांधली चल रही है।

कांग्रेस भी हमलावर


उद्यानिकी भूमि पर निर्माण को लेकर कांग्रेस ने भी प्रशासन पर निशाना साधा है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले ने इसे “जनविरोधी निर्णय” बताया और कहा कि इससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान होगा।


मंत्री का कार्यक्रम अचानक निरस्त


दो दिन पूर्व जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल के दौरे के दौरान नये भवन का भूमि पूजन प्रस्तावित था, लेकिन कार्यक्रम अचानक निरस्त कर दिया गया। प्रशासन ने इसका कोई कारण स्पष्ट नहीं किया।

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