बेहोशी में शासन प्रशासन के अधिकारी
रेवांचल टाईम्स – मंडला। सरकार का बहुप्रचारित जल जीवन मिशन मंडला जिले में बुरी तरह पटरी से उतर चुका है। हैरानी की बात यह है कि विभाग की मंत्री इसी जिले की हैं, फिर भी सबसे ज्यादा लापरवाही और भ्रष्टाचार इसी जिले में देखने को मिल रहा है।
नैनपुर तहसील के ग्राम परसवाड़ा में नल-जल योजना वर्षों बाद भी शुरू नहीं हो पाई है।ग्रामवासियों का आरोप है कि यहां किया गया काम मानकों के विपरीत, अधूरा और बेहद खराब गुणवत्ता का है।
जांच-पड़ताल तो दूर, अधिकारियों ने साइट पर झांकना तक जरूरी नहीं समझा। स्पष्ट है कि पूरे प्रोजेक्ट को ‘काग़ज़ी सफलता’ दिखाने के लिए जमीन पर नियोजन, निगरानी और पारदर्शिता—सबकुछ ध्वस्त हो चुका है।ग्राम परसवाड़ा में जनता बुरी तरह त्रस्त है।
पानी के लिए भटक रहे नागरिक पूछ रहे हैं—“काम में घोर लापरवाही करने वाले अफसरों पर आखिर कार्रवाई कब होगी?जनता की यह भी मांग है कि—तत्काल प्रभाव से परसवाड़ा में नल-जल योजना शुरू की जाए।
काम में गड़बड़ी, देरी और घोर अनियमितता के दोषियों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई लागू की जाए। कहीं मोटर बंद होना बताया जाता है तो कहीं पानी कम होना बताया जाता है बताया जा रहा है कि जानबूझकर यहां पर नलजल योजना शुरू नहीं की जा रही है यदि ऐसी साजिश रची गई है
तो उन सभी साजिश करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए वही लोगों का कहना है कि यदि अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि जल जीवन मिशन को भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ाने वालों को सरकार का खुला संरक्षण मिला हुआ है।
परसवाड़ा की जनता अब आधे-अधूरे वादों से नहीं, पानी और जवाब—दोनों मांग रही है।
