नई दिल्ली / भोपाल। महाशिवरात्रि का पावन पर्व पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
भक्तों ने भगवान शिव का जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और फल-फूल अर्पित कर सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है, जिसे भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा और व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।
प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष आयोजन

देश के प्रमुख शिव मंदिरों जैसे काशी विश्वनाथ मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर, सोमनाथ मंदिर और केदारनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और रात्रि जागरण का आयोजन किया गया। मंदिरों को फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में तड़के भस्म आरती के दौरान हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। वहीं वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली।
व्रत, पूजा और रात्रि जागरण का विशेष महत्व

महाशिवरात्रि पर श्रद्धालु दिनभर व्रत रखते हैं और रात में भगवान शिव की विशेष पूजा करते हैं। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन, शिव कथा और जागरण का आयोजन किया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर होते हैं।
प्रशासन की विशेष व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मंदिरों के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई।
