
श्योपुर (मध्य प्रदेश), 19 फरवरी 2026: भारत के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को एक और बड़ी सफलता मिलते हुए, कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता ‘गामिनी’ ने तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है, जिससे देश में चीता की कुल संख्या 38 हो गई है। यह जानकारी आज केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने साझा की।
🐆 यह उपलब्धि क्यों खास है
- यह जन्म Project Cheetah के तहत हुआ है, जो भारत में चीता की पुनर्स्थापना और संरक्षण के लिए चलाया जा रहा है।
- ‘गामिनी’ दक्षिण अफ्रीका से लाये गये चीता में से एक है और यह दूसरी बार मां बनी है, जो इस परियोजना की सफलता का संकेत है।
- यह भारत में नौवीं सफल चीता लिटर है, जब से अफ्रीकी चीतों को भारत में पुनःस्थापित किया गया था।
🌿 परियोजना का महत्व
Project Cheetah की शुरुआत सितंबर 2022 में हुई थी, जब अफ्रीका के नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से कुल 20 चीतों को भारत लाया गया था। इसका उद्देश्य इस प्रजाति को भारत के प्राकृतिक आवास में वापस लाना है, जहाँ चीता कई दशक पहले विलुप्त हो चुका था।
📈 आबादी में बढ़ोतरी
- ‘गामिनी’ के तीन नवीन शावकों के जन्म के साथ ही भारत में चीता की कुल संख्या 38 हो गई है।
- इन 38 चीतों में से 27 शावक भारतीय मिट्टी पर पैदा हुए हैं, जो कि Project Cheetah की सफलता का बड़ा संकेत है।
📣 अधिकारियों की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने इसे संरक्षण प्रयासों की “गर्जती सफलता” बताया है और कहा कि यह उपलब्धि Kuno National Park तथा भारत के वन्यजीव संरक्षण के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने आशा जताई कि ये छोटे शावक मजबूत होंगे और जल्दी ही चीता समुदाय के लिए ऊर्जा और संतुलन का हिस्सा बनेंगे।
