ग्राम उमरिया फदाली में ‘सशक्त महिला–सशक्त राष्ट्र’ विषय पर बौद्धिक परिचर्चा संपन्न बालिकाओं को दिया आत्मरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
रेवांचल टाइम्स जुन्नारदेव शासकीय महाविद्यालय जुन्नारदेव की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) छात्रा इकाई द्वारा ग्राम उमरिया फदाली में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन ‘महिला शक्ति’ का अनूठा संगम देखने को मिला।
“सशक्त महिला – सशक्त समाज – सशक्त राष्ट्र” थीम पर केंद्रित
इस आयोजन में शिक्षा, आत्मनिर्भरता और आत्मरक्षा जैसे ज्वलंत विषयों पर सार्थक संवाद हुआ।शिक्षा ही प्रगति की पहली सीढ़ीकार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. ए. के. टांडेकर के मार्गदर्शन में हुआ।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रश्मि नागवंशी ने अतिथियों व ग्रामीणों का स्वागत करते हुए कहा, “नारी केवल परिवार की धुरी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है।
एक शिक्षित महिला पूरे परिवार को शिक्षित कर देश की प्रगति के द्वार खोलती है।घर-घर जाकर जगाई अलखशिविर के दौरान स्वयंसेविकाओं ने गांव की गलियों में दस्तक देकर महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया।
प्रमुख गतिविधियाँ आत्मरक्षा बालिकाओं को मार्शल आर्ट सीखने और अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।
पर्यावरण संकल्प स्वयंसेविकाओं ने महिलाओं को ‘पॉलिथीन मुक्त ग्राम’ बनाने की शपथ दिलाई। संदेश दिया गया कि यदि मातृशक्ति ठान ले, तो घर और समाज को प्रदूषण मुक्त करना संभव है।
मंच पर प्रबुद्ध महिलाओं का सानिध्यबौद्धिक सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद अध्यक्ष सविता बोसम, नगर पालिका उपाध्यक्ष सोनिया कुमरे, महिला मोर्चा अध्यक्ष भुवनेश्वरी भन्नारे, अधिवक्ता रंजीता डेहरिया एवं सीईओ रश्मि चौहान उपस्थित रहीं।
अतिथियों ने अपने उद्बोधन में कहा कि आत्मनिर्भरता और शिक्षा ही महिलाओं के असली आभूषण हैं। उन्होंने स्वयंसेविकाओं के जमीनी स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की।
