जब जंगल में माफिया राज ओर पहरेदार खमोश – कान्हा टाइगर रिज़र्व में ‘रेत राज’!

Revanchal
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Forest officer crushed to death by sand mafia in Madhya Pradesh | Forest  officer crushed to death by sand mafia in Madhya Pradesh

दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला, जिले के विश्व प्रसिद्ध कान्हा नेशनल पार्क से लग कर बंजर नदी गई हुई है जहाँ पर रेत का खजाना है और वन्य प्राणियों की जीवन दायनी साबित हो रही है पर रेत माफिया की नज़र इस नदी में सोने जैसे रेत पर पड़ चुकी है और पहरेदारों से मेलमिलाप कर अपनी जेबें गर्म करने में लगे हुए है

जहाँ रेत चोरो के वाहन से जंगल में रह रहे वन्य प्राणियों को खतरा बना हुआ और शिकवा शिकायत करने में वन विभाग के जिम्मेदार शिकायत कर्ता को शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जाता है या फिर उन्हें झूठे प्रकरण में फ़साने की धमकियां दी जाती हैं, जब जंगल के पहरेदार ही खामोशी से तमाशबीन बन माफ़िया से हाथ मिला लेंगे तो जंगल में रह रहे मुखवधिर जानवरों का क्या होगा ये किसी से छिपा नही है।


वन संरक्षण अधिनियम 1980 व वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की खुलेआम धज्जियां—वन कर्मियों की मिलीभगत से बफर ज़ोन लूटा जा रहा

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  • संरक्षित जंगल में संगठित अपराध!
  • कान्हा बफर ज़ोन से सैकड़ों ट्रॉली रेत चोरी—वन अधिनियम 1980, धारा 26 व 52 का खुला उल्लंघन बाघों की धरती पर माफिया का कब्ज़ा
  • कान्हा नेशनल पार्क में रेत चोरी का खेल—वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की हत्या, वन विभाग मूकदर्शक
  • संवेदनशील टाइगर कॉरिडोर में खनन अपराध
  • कान्हा बफर ज़ोन में रेत माफिया बेखौफ—वन अधिनियम की धाराएं रौंदी गईं, 181 शिकायत पर दबाव
  • कानून कागज़ों में, जंगल माफिया के हवाले
  • कान्हा नेशनल पार्क से लगी नदियों-नालों की लूट—वन संरक्षण अधिनियम व NGT आदेशों का खुला उल्लंघन
  • अगर आप चाहें तो मैं धारा-वार बॉक्स (धारा 2, 26, 52, 33, 34)

वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते दिनों बंजर नदी से रेत निकासी करते हुए ट्रैक्टर को वन विभाग के कर्मचारियों ने पकड़ा और फिर धीरे धीरे मामला दबाया जा रहा था पर ऊपर स्तर तक जानकारी लगने से आँगनफानन में पकड़े हुए रेत से भरे वाहनो को राजस्व का बतलाया ओर उन वाहनो को थाना खटिया में पहुँचा गया और अब जारी है खेल…..

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