पंडित मोतीलाल नेहरू वार्ड में बनेगा सामुदायिक भवन, 48 लाख की लागत से जारी हुआ टेंडर, वार्डवासियों में खुशी की लहर

Revanchal
4 Min Read


जबलपुर। राजनीति में अक्सर आरोपों का शोर विकास की आवाज़ को दबा देता है। कई जनप्रतिनिधि विवादों के बोझ तले अपने वादे भूल जाते हैं, लेकिन संस्कारधानी जबलपुर के पंडित मोतीलाल नेहरू वार्ड में एक ऐसा उदाहरण सामने आया है, जहां लगातार राजनीतिक विरोध, आरोपों और दबाव के बावजूद विकास का पहिया थमा नहीं। वार्ड पार्षद शफीक हीरा ने वह कर दिखाया, जिसका इंतजार यहां के लोग वर्षों से कर रहे थे।


वार्डवासियों की लंबे समय से चली आ रही सामुदायिक भवन की मांग आखिरकार अब धरातल पर उतरने जा रही है। इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के लिए 48 लाख रुपये की लागत से टेंडर जारी कर दिए गए हैं। यह राशि पार्षद मद से स्वीकृत की गई है। जैसे ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की खबर सामने आई, पूरे इलाके में खुशी और संतोष का माहौल दिखाई दिया।


यह वही मांग थी, जिसे वर्षों से स्थानीय लोग उठाते रहे, लेकिन पूर्व के जनप्रतिनिधि इसे पूरा नहीं कर सके। हर चुनाव में वादे हुए, आश्वासन दिए गए, लेकिन ज़मीन पर कुछ नहीं बदला। अब पहली बार लोगों को भरोसा हुआ है कि उनकी सामाजिक जरूरतों को समझने वाला कोई प्रतिनिधि उनके बीच मौजूद है।


जानकारी के मुताबिक यह सामुदायिक भवन गाजी बाग बारात घर के ठीक पीछे लगभग 10 हजार स्क्वायर फीट क्षेत्र में बनाया जाएगा। इसमें करीब 5 हजार स्क्वायर फीट में दो मंजिला भवन तैयार होगा। भवन का उद्देश्य केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि सामाजिक जरूरतों को पूरा करना है।

खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को शादी-विवाह, सामाजिक कार्यक्रमों और अन्य सामुदायिक आयोजनों के लिए सुलभ स्थान उपलब्ध हो सकेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आज के दौर में निजी मैरिज गार्डन और भवनों का खर्च गरीब परिवारों की कमर तोड़ देता है। ऐसे में यह सामुदायिक भवन वार्ड के हजारों लोगों के लिए राहत का केंद्र साबित होगा।


इस पूरे मामले में पार्षद प्रतिनिधि फैज अंसारी ने कहा कि विकास कार्य किसी भी हालत में रुकने नहीं दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि वार्ड में लगातार जनता की समस्याओं पर काम किया जा रहा है। फैज अंसारी के मुताबिक,


“हम सभी साथी मिलकर वार्ड की हर छोटी-बड़ी समस्या पर नजर बनाए हुए हैं। जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो, यही हमारी प्राथमिकता है।”
उन्होंने बताया कि इस कार्य में उनके साथ इम्तियाज, नवाजिश अंसारी, अमीर गुड्डा और सफीक अली लगातार सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। पूरी टीम वार्ड में विकास कार्यों की निगरानी और जनता से सीधा संवाद बनाए हुए है।


राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि पार्षद शफीक हीरा को पिछले कुछ समय में लगातार राजनीतिक रूप से घेरने की कोशिशें हुईं। उन पर विभिन्न प्रकार के आरोप लगाए गए, विवाद खड़े किए गए और दबाव बनाने की कोशिशें भी हुईं। लेकिन इन सबके बीच उन्होंने अपने काम की गति धीमी नहीं होने दी। यही कारण है कि विरोधियों के हमलों के बावजूद उनकी छवि जनता के बीच एक कर्मठ, जुझारू और जमीन से जुड़े नेता की बनी हुई है।


वार्ड के बुजुर्गों का कहना है कि शफीक हीरा ने केवल राजनीति नहीं की, बल्कि लोगों की जरूरतों को समझकर काम किया है। यही वजह है कि आज भी वार्ड में उनकी लोकप्रियता बरकरार है।
जबलपुर की राजनीति में यह परियोजना केवल एक सामुदायिक भवन का निर्माण नहीं, बल्कि उस भरोसे की वापसी मानी जा रही है, जो अक्सर जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच खो जाता है।

Share This Article
Translate »