वनग्राम जल्दा बौना हाईस्कूल में लटक रहा ताला,अघोषित अवकाश से दांव पर छात्रों का भविष्य ,

Revanchal
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प्राचार्य की अनदेखी स्कूल के स्टॉफ की बल्ले बल्ले,

दैनिक रेवांचल टाइम्स बजाग। एक ओर जहां 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुका है, वहीं वनग्राम जल्दा बौना में स्थित हाईस्कूल की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। यहां आए दिन स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिलता है, जिससे छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।


स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यह कोई पहला मामला नहीं है। लंबे समय से विद्यालय में पदस्थ शिक्षक एवं अन्य कर्मचारी अपनी मनमानी पर उतारू हैं। विद्यालय आने-जाने का कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं है।

कोई शिक्षक दोपहर 12 बजे पहुंचता है, तो कोई 1 बजे, वहीं कई कर्मचारी तो पूरे दिन अनुपस्थित रहते हैं। कभी कभी प्राचार्य समेत पूरा अमला ही गायब रहता है ऐसे में छात्रों को बिना पढ़ाई के ही वापस लौटना पड़ता है। ग्रामीणों की माने तो विद्यालय कभी समय पर खुल भी गया तो समय से पूर्व बंद कर दिया जाता है

ग्रामीणों ने बताया कि यह स्कूल बैगा बाहुल्य क्षेत्र में स्थित है, जहां अधिकांश छात्र-छात्राएं इसी समुदाय से आते हैं। शिक्षा ही उनके भविष्य का एकमात्र सहारा है, लेकिन शिक्षकीय लापरवाही के चलते उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।


ताजा मामला शनिवार, 4 अप्रैल का है, जब दोपहर लगभग 12 बजे तक स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़ा हुआ था। आसपास के लोगों ने बताया कि बीते चार दिनों से विद्यालय नियमित रूप से नहीं खुल रहा है। हालांकि शुक्रवार को शासकीय अवकाश घोषित था बाकी दिनों में भी दोपहर तक स्कूल बंद ही पाया गया और कोई भी शिक्षक या कर्मचारी उपस्थित नहीं था।


ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में प्राचार्य की लचर कार्यप्रणाली होने के कारण अधीनस्थ स्टाफ पर कोई नियंत्रण नहीं है। नियमित शिक्षक, अतिथि शिक्षक से लेकर चपरासी तक सभी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति उदासीन बने हुए हैं। कभी-कभार समय पर आने पर भी शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के बजाय व्यक्तिगत कार्यों में व्यस्त रहते हैं।


इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों की अनदेखी भी सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी कार्यालयों में बैठकर जमीनी हकीकत से अनजान बने हुए हैं, जबकि गरीब और आदिवासी बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।

“लापरवाही बरतने की जानकारी मिली है, मैं शीघ्र ही जांच करवाकर आवश्यक कार्रवाई करूंगा।”अमोल सिंह मरावी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बजाग

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