रेवांचल टाइम्स घुघरी मंडला इन दिनों घुघरी में चल रहे सट्टे के अवैध कारोबार बेखौफ तरीके से संचालित हो रहा है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा खेल घुघरी पुलिस थाने के ठीक बगल में, जनपद रोड पर स्थित पान ठेले से चलाया जा रहा है। दिन-दहाड़े चल रहे इस अवैध धंधे ने न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार जनपद रोड पर स्थित एक साधारण से दिखाई देने वाले पान ठेले पर असल में सट्टे का कारोबार चल रहा है। यहां आने वाले कई लोग पान या सिगरेट लेने के बहाने रुकते हैं, लेकिन असल मकसद सट्टे की पर्ची कटवाना होता है।
दिन भर यहां संदिग्ध लोगों की आवाजाही बनी रहती है और खुलेआम सट्टे की ‘पट्टी’ लिखी जाती है। इस पूरे खेल को इतने बेखौफ तरीके से अंजाम दिया जा रहा है कि आसपास के लोग भी हैरान हैं।
सूत्रों की मानें तो इस पान ठेले पर हर दिन बड़ी संख्या में लोग सट्टा खेलने पहुंचते हैं। छोटे-छोटे अंकों पर लगने वाला यह सट्टा धीरे-धीरे बड़ी रकम में बदल जाता है और कई लोग अपनी पूरी दिनभर की कमाई इस खेल में हार जाते हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस अवैध धंधे के कारण क्षेत्र का माहौल भी बिगड़ने लगा है।
सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इस सट्टे के जाल में गरीब और मजदूर वर्ग के लोग तेजी से फंसते जा रहे हैं। मेहनत मजदूरी कर दिन भर कमाए गए पैसे को लोग रातों-रात अमीर बनने के लालच में सट्टे में लगा देते हैं। लेकिन इस खेल में जीतने वाले बहुत कम होते हैं और हारने वालों की संख्या कहीं ज्यादा होती है। नतीजतन कई परिवार आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार कई मजदूर ऐसे हैं जो अपनी रोज की कमाई का बड़ा हिस्सा सट्टे में हार चुके हैं। घर की जरूरतों के लिए रखा पैसा भी सट्टे में लग जाता है और बाद में परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। धीरे-धीरे यह समस्या सामाजिक स्तर पर भी असर डालने लगी है।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल पुलिस की भूमिका को लेकर उठ रहा है। जिस जगह यह अवैध सट्टा चल रहा है, वह घुघरी पुलिस थाने से महज कुछ कदम की दूरी पर स्थित है। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि थाने के इतने करीब होने के बावजूद पुलिस को इसकी जानकारी नहीं होना आश्चर्यजनक है।
लोगों के बीच यह चर्चा भी जोरों पर है कि आखिर थाने के पास चल रहे इस अवैध कारोबार को किसका संरक्षण प्राप्त है। कई लोग दबी जुबान में यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या पुलिस को इसकी जानकारी नहीं है या फिर जानबूझकर इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
क्षेत्र के कुछ लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन चाहे तो इस अवैध धंधे पर कुछ ही घंटों में रोक लगाई जा सकती है। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण सट्टा खिलाने वालों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। खुलेआम चल रहे इस कारोबार से ऐसा प्रतीत होता है जैसे कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है।
सट्टे का यह अवैध कारोबार केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं पहुंचा रहा, बल्कि यह अपराध को भी बढ़ावा दे सकता है। अक्सर देखा गया है कि सट्टे और जुए के कारण लोगों के बीच विवाद और झगड़े भी बढ़ जाते हैं। कई बार लोग कर्ज लेकर सट्टा खेलते हैं और हारने के बाद आर्थिक तनाव का सामना करते हैं।
स्थानीय नागरिकों ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है। जनपद रोड पर चल रहे इस अवैध सट्टे के कारोबार की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सट्टा खिलाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही ऐसे अवैध धंधों पर स्थायी रूप से रोक लगाने के लिए पुलिस को नियमित निगरानी भी करनी चाहिए।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और पुलिस इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं। क्या घुघरी में थाने के बगल से चल रहे इस सट्टे के काले खेल पर लगाम लगेगी या फिर यह अवैध कारोबार इसी तरह गरीबों की मेहनत की कमाई लूटता रहेगा। फिलहाल क्षेत्र की जनता कार्रवाई का इंतजार कर रही है।
