दैनिक रेवांचल टाइम्स – मंडला
मानसून की शुरुआती बारिश और हल्की हवा ने ही नगर पालिका मंडला की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। नगर के व्यस्ततम क्षेत्र कमानिया के पास लगा एक विशाल विज्ञापन होर्डिंग अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में आने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल के सिर में गंभीर चोट आई है, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार होर्डिंग केवल दो ईंटों की पट्टी पर असुरक्षित तरीके से खड़ा किया गया था। हल्के हवा के झोंके में ही उसका गिर जाना इस बात का प्रमाण है कि सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई थी। यदि घटना के समय वहां अधिक भीड़ होती तो बड़ा हादसा भी हो सकता था।
नगर पालिका की अनदेखी से बढ़ रहा खतरा
नगर में जगह-जगह बड़े-बड़े विज्ञापन बोर्ड और होर्डिंग लगे हुए हैं। इनमें से कई होर्डिंग निजी दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा सार्वजनिक स्थलों पर बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के लगाए गए हैं। सवाल यह है कि इनमें से कितने होर्डिंग वैध हैं और कितनों को नगर पालिका की अनुमति प्राप्त है?
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन की उदासीनता के कारण शहर में मनमाने तरीके से होर्डिंग लगाए जा रहे हैं। न तो इनके निर्माण की गुणवत्ता की जांच होती है और न ही समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट कराया जाता है। यही कारण है कि अब ये होर्डिंग आम लोगों की जान के लिए खतरा बनते जा रहे हैं।
जिम्मेदारी किसकी?
जब नगर के प्रमुख मार्गों और बाजार क्षेत्रों में लगे होर्डिंग सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं तो सवाल नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी उठता है। आखिर ऐसे कमजोर और असुरक्षित होर्डिंग लगाने की अनुमति किस आधार पर दी गई? यदि अनुमति नहीं दी गई तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
शहरभर में सर्वे की मांग
घटना के बाद नागरिकों ने नगर के सभी होर्डिंगों और विज्ञापन बोर्डों की तत्काल तकनीकी जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बारिश और तेज हवाओं के मौसम में ऐसे कमजोर ढांचे कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
प्रमुख मांगें
शहर में लगे सभी होर्डिंगों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए।
वैध और अवैध होर्डिंगों की सूची सार्वजनिक की जाए।
बिना अनुमति लगे होर्डिंगों को तत्काल हटाया जाए।
घायल व्यक्ति को उचित मुआवजा दिया जाए।
जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
कमानिया की यह घटना एक चेतावनी है। यदि नगर पालिका प्रशासन समय रहते नहीं जागा तो अगली दुर्घटना और भी गंभीर हो सकती है।
