दैनिक रेवांचल टाईम्स – बजाग, केंद्र सरकार के ‘संपूर्णता अभियान’ को गति देने के लिए आकांक्षी विकासखंड बजाग में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ गई है। नीति आयोग प्रतिनिधि डॉ. विकास जैन एवं सेक्टर पर्यवेक्षक द्वारा विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों का सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया, बल्कि स्वच्छता के लिए ग्राम पंचायतों को विशेष जिम्मेदारी भी सौंपी गई।
ग्राम पंचायत सचिवों को दिए गए निर्देश में वॉश एंड व्हील’ से सफाई करने हेतु निर्देशित किया गया
अवलोकन के दौरान डॉ. विकास जैन ने केंद्रों में स्वच्छता के स्तर को और बेहतर करने के लिए कड़ा रुख अपनाया। ग्राम पंचायत के सचिवों को स्पष्ट निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के शौचालयों और परिसर की सफाई के लिए ‘वॉश एंड व्हील’ (चलित स्वच्छता इकाई) सेवा का प्रभावी उपयोग किया जाए।
पंचायतों के माध्यम से नियमित रूप से केंद्रों की स्वच्छता सुनिश्चित की जाए ताकि बच्चों को संक्रमण मुक्त वातावरण मिल सके। पेयजल और बुनियादी सुविधाओं का अवलोकन कर केंद्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता और शौचालयों की कार्यात्मक स्थिति को देखा गया। स्वच्छता और जल की उपलब्धता ही कुपोषण के खिलाफ पहली लड़ाई है।
पोषण आहार वितरण और डिजिटल एंट्री ::
निरीक्षण में पोषण आहार वितरण की पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया गया। कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश दिए कि केंद्र में बच्चों की नियमित उपस्थिति दर्ज की जाए।वितरण और उपस्थिति की समस्त जानकारी पोषण ट्रैकर एप पर तत्काल अपडेट की जाए। डिजिटल प्रविष्टि में देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। अवलोकन के अंत में डॉ. जैन ने कहा कि संपूर्णता अभियान की सफलता तभी संभव है जब स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास और पंचायत समन्वय के साथ काम करें। ग्राम पंचायत सचिवों को स्वच्छता के प्रति जवाबदेह बनाया गया है ताकि अभियान के लक्ष्यों को समय सीमा में प्राप्त किया जा सके।
