नैनपुर में सट्टा साम्राज्य का खुलासा

Revanchal
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खाईबाज मालामाल, जनता हलकान — गली-चौराहों पर खुलेआम चल रहा सट्टा-पट्टी का खेल, महीना हप्ता के चलते चल रहा है खुला खेल

दैनिक रेवांचल टाइम्स, मंडला, जिले के विकास खंड नैनपुर नगर इन दिनों अवैध सट्टा-पट्टी के जाल में बुरी तरह जकड़ता नजर आ रहा है। नगर के कई गली-चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर खुलेआम सट्टे के अंक लिखे जा रहे हैं।

हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ दिन-दहाड़े हो रहा है, और पुलिस थाना परिसर के आसपास से लेकर ग्रामीण कस्बों तक मकड़ जाल खाईबाज ने फैला रखा है और यह सब नैनपुर पुलिस की नाक के नीच चल रहा है और आज सट्टा के खाईबाज पुलिस विभाग के नैनपुर से लेकर जिले तक मे बैठे आला अधिकारियों को अपनी जेब मे रखने की बात खुलेआम गली चौराहों में कहते नज़र आ रहे है।

और इनके बड़बोलेपन से जनता को कह रहे है कि जेब मे पैसा हो तो सब बिकते है बस बोली लगाने वालों में दम होना चाहिये नाम न छापने की तर्ज में बताया गया कि आज ये खाईबाज कहते है कि पुलिस और पुलिस कप्तान कुछ नही कर सकता है क्योंकि हम इन्हें हप्ता और महीना पहुँचा रहे है और अगर ज्यादा शिकवा शिकायत होती है तो हम अपने छोटे मोटे लिखने वालों को कुछ पट्टी और पेसो के साथ पुलिस से केस बनवा लेते है फिर जनता भी शांत और पुलिस भी अपनी वाहवाही लूट लेती है और फिर दूसरे दिन से वही खेल चालू कोई बड़ी कार्यावाही नही होती है कोर्ट में भी छोटा मोटा जुर्माना देकर हम अपने लड़को बाहर कर फिर से काम मे लगा देते हैं।


लेकिन जिम्मेदार विभागों की कार्रवाई अब तक कहीं नजर नहीं आ रही। ऐसे में लोगों के बीच चर्चा है कि “पुलिस मालामाल है और जनता हलकान”।
वही स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर में कुछ नए-नए खाईबाज तेजी से उभरे हैं, जो सट्टा-पट्टी के इस अवैध धंधे से देखते ही देखते लाखों-करोड़ों के खेल में उतर चुके हैं। बाहर से खुद को गरीब और बेरोजगार बताने वाले ये लोग अंदरखाने रोज हजारों-लाखों रुपये की सट्टा-पट्टी हजम कर रहे हैं।


गरीब बनने का नाटक, अंदर लाखों का खेल


सूत्रों के अनुसार नगर में सक्रिय कई खाईबाज खुद को मजदूरी करने वाला बताते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि वे रोजाना बड़ी रकम की सट्टा-पट्टी अंदर कर रहे हैं। दिखावे के लिए जेब में सौ-दो सौ रुपये लेकर घूमना और खुद को गरीब बताना इनकी पुरानी चाल बताई जाती है, जबकि इस अवैध कारोबार से इन्होंने मोटी संपत्ति खड़ी कर ली है।


नगर के लोगों का कहना है कि इन सट्टेबाजों के कारण कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं। कुछ लोगों को कर्ज में डूबना पड़ा, तो कई लोगों के घर-मकान तक बिक गए। इसके बावजूद इन खाईबाजों पर कोई ठोस कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है।


गली-गली बैठ रहे खाईबाज


स्थानीय नागरिकों के मुताबिक नैनपुर नगर के कई चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर रोजाना तय समय पर सट्टा-पट्टी लिखने वाले लोग बैठ जाते हैं। वहां खुलेआम अंक लिखे जाते हैं और पैसे का लेन-देन भी किया जाता है।
लोगों का कहना है कि यह सब कुछ इतने खुले तरीके से हो रहा है कि मानो सट्टेबाजों को कानून का कोई डर ही नहीं रह गया है। कई स्थानों पर तो शासकीय संस्थानों और स्कूलों के आसपास भी यह अवैध गतिविधि देखी जा रही है, जिससे सामाजिक माहौल पर भी बुरा असर पड़ रहा है।


युवाओं को बना रहा जुए का आदी


नगर के सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सट्टा-पट्टी का यह बढ़ता जाल युवाओं के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बनता जा रहा है। जल्दी पैसा कमाने के लालच में कई युवा इस जुए के चक्कर में पड़ते जा रहे हैं और धीरे-धीरे उनकी पढ़ाई, रोजगार और पारिवारिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
प्रशासन पर उठते सवाल
नगर में खुलेआम चल रहे इस अवैध सट्टा कारोबार ने पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि जब गली-गली सट्टा-पट्टी लिखी जा रही है तो यह जिम्मेदार अधिकारियों की नजर से कैसे बच सकती है।
लोगों का कहना है कि यदि पुलिस और प्रशासन सच में कार्रवाई करना चाहें तो इस अवैध धंधे पर तुरंत लगाम लग सकती है। लेकिन लगातार बढ़ते इस नेटवर्क को देखकर नगर में यह चर्चा भी आम हो चली है कि आखिर इस कारोबार को संरक्षण कौन दे रहा है।
कार्रवाई की मांग तेज
नगर के जागरूक नागरिकों और समाजसेवियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि नैनपुर में चल रहे इस अवैध सट्टा नेटवर्क के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए और इसमें शामिल लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
इनका कहना है
“नैनपुर नगर के कई चौराहों पर खुलेआम सट्टा-पट्टी लिखी जा रही है। खाई बाजो ने अपना पैसा के रुतबे के चलते न इन्हें पुलिस का भय बल्कि बेखौफ यह खेल चल रहा हैं यह अवैध गतिविधि युवाओं को बर्बाद कर रही है और कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही है। प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।”
— समाजसेवी, नैनपुर

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