रेवांचल टाइम्स सौसर
जितेन्द्र अलबेला
छत्रपति शिवाजी महाराज जन्मोत्सव और श्री क्षेत्र अर्धनारीश्वर ज्योतिर्लिंग महाशिवरात्रि सप्ताह के पावन समापन (दहीलाही) के अवसर पर सेवा की अनूठी मिसाल पेश की गई।
म.प्र. जन अभियान परिषद (विकासखंड सौसर) की नवांकुर संस्था ‘युथ ऑफ सौसर एसोसिएशन’ द्वारा आयोजित 25वें रक्तदान शिविर में 36 रक्तवीरों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता का धर्म निभाया।
प्रमुख उपलब्धियां और उद्देश्य
संस्था ने 15 अगस्त 2020 को इस सेवा यात्रा की शुरुआत की थी। सदस्यों का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से जनजाग्रति फैलाना है।
अब तक की सेवा
प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 1836 जरूरतमंदों तक रक्त पहुँचाया जा चुका है।
सहायता यह रक्त सरकारी अस्पताल सौसर और जिला अस्पताल में आपातकालीन स्थिति, गर्भवती महिलाओं, सिकल सेल एनीमिया पीड़ितों और दुर्घटनाग्रस्त मरीजों के काम आता है।
गरिमामयी उपस्थिति में शुभारंभ
शिविर का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष संदीप दादू घाटोडे की उपस्थिति और जन अभियान परिषद के विकासखंड अधिकारी अनिल बोबडे के मार्गदर्शन में हुआ। अर्धनारीश्वर ज्योतिर्लिंग संस्थान के अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया।
नारी शक्ति ने भी बढ़ाया कदम
शिविर की विशेष बात यह रही कि इसमें 3 महिला रक्तवीरों सुरेखा उइके (छिंदवाड़ा), जानवी आजनकर (सौसर) और दीक्षा गजभिए ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। इनके साथ ही सुनील डोंगरे, साहिल चोरकर, वेद प्रकाश सरोदे सहित कुल 36 लोगों ने रक्तदान कर जीवनदान का संकल्प लिया।
सम्मान और सहभागिता
कार्यक्रम के अंत में डॉ. सीमा ठाकरे, अभिकांत बेल, किरण बाला और नंदनी राऊत द्वारा सभी रक्तवीरों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
आयोजन को सफल बनाने में युथ ऑफ सौसर के अध्यक्ष योगेश सोमकुंवर, सचिव गोपाल कोठे, पंकज रंगारे, हेमंत हिवरकर और रामेश्वर सदारंग सहित समस्त सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
”रक्तदान महादान है, और सामाजिक उत्सवों में इस तरह के आयोजन समाज को नई दिशा प्रदान करते हैं।” युथ ऑफ सौसर एसोसिएशन
