रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना देहात पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो ऐसे शातिर अपराधियों को दबोचा है, जो दशकों से कानून की आंखों में धूल झोंक रहे थे। पकड़े गए वारंटियों पर कुल 30,000 रुपये का इनाम घोषित था। इनमें से एक आरोपी तो अपनी पहचान बदलकर दूसरे जिले में फरारी काट रहा था।
केस 1- पहचान बदलकर रह रहा था 20 हजार का इनामी
पुलिस की गिरफ्त में आया पहला आरोपी प्रकाश पिता मनीराम मेहरा (निवासी दमुआ) है। प्रकाश के खिलाफ उच्च न्यायालय जबलपुर में NDPS एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज था।
फरारी यह पिछले 10 वर्षों से फरार चल रहा था।
चालाकी गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी नर्मदापुरम के डोंगरवाड़ा में अपना नाम और पहचान बदलकर रह रहा था।
इनाम इसकी गिरफ्तारी पर 20,000 रुपये का इनाम घोषित था।
केस 2 – 20 साल बाद चढ़ा पुलिस के हत्थे
दूसरा वारंटी राजेन्द्र कुमार पिता मुन्नीलाल धुर्वे है, जो वर्ष 2007 के एक मामले (धारा 279, 337, 338 भादवि) में पिछले 20 वर्षों से फरार था।
पुलिस को लंबे समय से इसकी तलाश थी।
ठिकाना यह आरोपी वर्तमान में सारणी (जिला बैतूल) के पाथाखेड़ा क्षेत्र में छिपा हुआ था।
इनाम इस पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित था।
विशेष टीम ने घेराबंदी कर दबोचा
थाना प्रभारी निरीक्षक गोविंद सिंह राजपूत के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने सटीक मुखबिर तंत्र और तकनीकी सुरागों के आधार पर घेराबंदी की और दोनों इनामी वारंटियों को हिरासत में ले लिया।
सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में निरीक्षक गोविंद सिंह राजपूत, सउनि नितेश ठाकुर, संदीप सिंह, प्र.आर. महन्त, प्र.आर. संतोष सिंह, आरक्षक सौरभ सिंह और मिठाई लाल की मुख्य भूमिका रही।
”अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो और पहचान बदल ले, लेकिन कानून के हाथ लंबे होते हैं। पुलिस फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए निरंतर अभियान चला रही है। थाना देहात पुलिस
