कलेक्टर श्री नारायन ने ली राजस्व विभाग की मासिक समीक्षा बैठक

रेवांचल टाइम्स छिन्दवाड़ा सूर्यकांत भट्ट* एडीएम, एसडीएम सहित सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार रहे उपस्थित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित राजस्व के सभी प्रकरणों का समय सीमा में हो निराकरण – कलेक्टर श्री नारायनआमजन को सुगमता से मिले राजस्व विभाग की सेवाओं का लाभ – कलेक्टर श्री नारायनकलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता में आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिले के समस्त राजस्व अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में अपर कलेक्टर श्री धीरेन्द्र सिंह, जिला मुख्यालय के सभी संयुक्त कलेक्टर एवं डिप्टी कलेक्टर सहित जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खनिज अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में राजस्व विभाग से संबंधित विभिन्न एजेंडा बिंदुओं की बिंदुवार समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।अवैध उत्खनन पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश- कलेक्टर श्री नारायन ने अवैध उत्खनन के प्रकरणों में अपेक्षित प्रगति न होने पर असंतोष व्यक्त करते हुए कड़े निर्देश दिए कि खनिज और राजस्व का अमला नियमित रूप से संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।

उन्होंने तहसीलदारों को निर्देशित किया कि वे पटवारी एवं राजस्व निरीक्षकों के माध्यम से सतत निगरानी रखते हुए स्वयं भी मैदानी भ्रमण कर स्थिति का आकलन करें।

खनिज अधिकारी को निर्देश दिए गए कि अवैध खनन के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर अधिकाधिक प्रकरण पंजीबद्ध किए जाएं तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।वनाधिकार दावों की सतत मॉनिटरिंग- वनाधिकार अधिनियम के अंतर्गत सामुदायिक एवं व्यक्तिगत दावों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री नारायन ने निर्देशित किया कि वन विभाग द्वारा अमान्य किए गए दावों के कारणों का विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग कर उनका शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध लाभ प्राप्त हो सके।राजस्व वसूली में प्रगति लाने के निर्देश- भू-राजस्व एवं अन्य मदों की मांग एवं वसूली की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री नारायन ने अधिकारियों को लक्ष्य अनुरूप वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि लंबित प्रकरणों का समयसीमा में निराकरण कर राजस्व संग्रहण की गति बढ़ाई जाए।सर्पदंश से मृत्यु के प्रकरणों की गहन समीक्षा- बैठक में सर्पदंश से हो रही मृत्यु की घटनाओं की भी समीक्षा की गई। अप्रैल 2025 से अब तक 50 से अधिक व्यक्तियों की मृत्यु सर्पदंश से होने पर चिंता व्यक्त की गई। कलेक्टर श्री नारायन ने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण की विस्तृत जांच की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि मृत्यु के कारणों का समुचित विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक उपाय किए जाएं।

साथ ही सर्प दंश से बचाव के संबंध में ग्रामीणों के मध्य जागरूकता अभियान चलाया जाए।फार्मर रजिस्ट्री एवं स्वामित्व योजना की समीक्षा- फार्मर रजिस्ट्री कार्य की समीक्षा के दौरान जिन तहसीलों में प्रगति अपेक्षाकृत धीमी पाई गई, वहां विशेष अभियान चलाकर कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

स्वामित्व योजना अंतर्गत दो वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री नारायन ने निर्देशित किया कि तकनीकी कारणों से लंबित मामलों का निराकरण जिला ई-गवर्नेंस प्रबंधक (डीईजीएम) द्वारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। साथ ही अधिकारियों के न्यायालय में लंबित प्रकरणों, जिनमें अब तक कोई उल्लेखनीय प्रगति दर्ज नहीं की गई है, उनमें त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।जन शिकायतों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश- सीएम हेल्पलाइन एवं सीपी ग्राम पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री नारायन ने स्पष्ट किया कि जन शिकायतों का पारदर्शी एवं समयबद्ध निराकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने निर्देशित किया कि शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

अन्य विषयों की समीक्षा- बैठक में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, साइबर तहसील प्रकरण, ग्राउंड ट्रुथिंग, स्वामित्व आबादी सर्वेक्षण, भू-अभिलेखों का डिजिटाइजेशन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत प्रकरण, प्राकृतिक आपदा के अंतर्गत आरबीसी 6(4) में राहत वितरण, माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में लंबित याचिकाएं एवं अवमानना प्रकरण तथा भू-अर्जन से संबंधित मामलों की भी विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।

कलेक्टर श्री नारायन ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने प्रभार क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर पूरी जानकारी रखें, हर परिस्थिति का आंकलन रहे तथा मामलों के निराकरण के लिये ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही की जाए।

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