धड़ल्ले से जारी हैं शासकीय नियमों की अनदेखी ख़ामोश बैठे जिम्मेदार
दैनिक रेवांचल टाइम्स:- मंडला, जिला चुकी पूर्णतः आदिवासी जिला है जहाँ पर जिम्मेदारो की मनमानी और नियंम क़ानून को ताक में रख कर अबैध कार्यों बैध तरीक़े किया जा रहा इस जिले में भय मुक्त बेखौफ तरीके से काननू को दरकिनार कर सरकारी योजनाओं में खुली लूट मची हुई है, वही जिले में सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार अपने चरम पर हैं इस जिले के हालातों पर न तो कोई ध्यान देने वाला है और न ही शायद इस जिले का कोई माई और बाप है। तभी तो यहां पर शासकीय कार्यालयों में तो खुली लूट मची हुई हैं।
इसके साथ ही अब तो प्राइवेट संस्थानों में भी धड़ल्ले से लूट और खसोट अपने चरम पर हैं। मंडला जिले में संचालित किलिनिक पैथोलॉजी हॉस्पिटल में आप किसी भी निजी संस्थानों में चले जाए और आप रसूखदार से बच नहीं पा रहें हैं, और अगर आपकी जान पहचान कोई बड़े अधिकारियों या नेताओं से नही है तो फिर आप यह समझ लीजिए कि आप की जेब में डाका डालने और गिद्ध की तरह नोचने के लिए यहां पर हर कोई आप के ऊपर घात लगाए बैठे हुए हैं।
कहते है इस धरती पर अगर कोई दूसरा भगवान हे तो वह है स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा हुआ डॉक्टर जो आम इंसान को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर इंसान को दूसरी जिंदगी देने का काम करता हैं। परन्तु जब वही भगवान रूप डॉक्टर अपनी सच्ची सेवाओं को दरकिनार कर निजी स्वार्थ के चलते एक आम इंसान की जेब में जब डाका डालने पर आमादा हो जाए तो फिर ऐसे डॉक्टर को भगवान नहीं बल्कि एक शुद्ध व्यापारी बोलने में कोई परहेज नहीं करना चाहिए। इन दिनों मंडला जिले में भी ऐसे बहुत से डॉक्टर देखने और सुनने को मिल जाएंगे जो अपने पेशे को बदनाम करने में लगे हुए हैं।
जिले में सरकारी अस्पतालों में फैली अव्यवस्थाएं और डॉक्टर और अन्य स्टाफ की कमी के चलते जिले के निवासी आसानी से प्राइवेट अस्पतालों की ओर अपना रुख कर लेते हैं। और फिर वही से शुरू होता है कुछ गिद्ध रूपी लुटेरों का खेल जो सरकारी नियमों की अनदेखी करते हुए न केवल अपने निजी हॉस्पिटलों का संचालन कर रहे है। इतर शासन के नियम विरुद्ध हॉस्पिटल में ही एक्सरे मशीन से लेकर सोनोग्राफी और सी.टी.स्कैन और पैथोलॉजी से लेकर मेडिकल दुकान का संचालन करते हुए जांच भी इनके द्वारा की जा रहीं हैं। और सबसे चौंकाने वाली बात तो यह हैं कि न ही इन जांचों के लिए संबंद्धित अस्पताल मालिकों के पास में शासन से कोई परमिशन हैं और न डिग्री प्राप्त डॉक्टर और न ही कोई लीगल दस्तावेज़ तो फिर आखिर किसकी शह पर ये सब अवैध काम किए जा रहे हैं यह एक बड़ा सवाल हैं कि आखिर कैसे ये आम लोगों की जिंदगी के साथ साथ उनके मेहनत की कमाई को लूट खसोट करने का जरिया बना लिया हैं।
एक्सरे और सोनोग्राफी के नाम पर की जा रही हैं अवैध वसूली
वही रेवांचल की टीम ने पाया कि मंडला जिले में लोगो के स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर निजी संस्थानो के द्वारा नियंम कानून को दरकिनार कर के कार्य किया जा रहा हैं और जिम्मेदार ये सब जानकर भी ख़ामोश बैठे देख रहे हैं, और यह भी पाया कि बहुत से निजी अस्पतालों द्वारा शासन की नियमावली को दरकिनार कर गलत तरीके से जांच की जा रही हैं उनके न तो कोई मापदंड हैं और न ही कोई निश्चित रेट हैं। मंडला जिले में निजी अस्पतालों में ज्यादातर या तो बिना कोई परमिशन के जांच की जा रही हैं।
या तो फिर जांच के बाद ली जानी वाली फीस का कोई एक पैमाना निश्चित नहीं हैं। इस जिले में मरीज के चेहरे और पहुंच पकड़ को देख कर के जांच की राशि ली जाती हैं। जिसके चलते मरीज को एक्सरे करवाने पर कही पर 500 रुपए तो कही पर 600 रुपए से लेकर 800 रुपए तक का भुगतान मरीज को करना पड़ रहा हैं।

और सबसे चौंकाने वाली बात तो यह हैं कि इन निजी अस्पतालों के द्वारा न तो शासन से कोई परमिशन लिया गया हैं और न ही जिले के स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी हैं। इसी तरह सोनोग्राफी भी मंडला जिले में बहुत से निजी संस्थानों में की जा रही हैं। परन्तु भोपाल से लेकर मंडला सीएमएचओ कार्यालय से परमिशन न होने के बाद में भी धड़ल्ले से निजी अस्पतालों में सोनोग्राफी की जा रही हैं। तो फिर सवाल यह खड़ा होता हैं कि आखिर किसकी शह पर ये सब काम मंडला जिले के निजी अस्पतालो में किया जा रहा हैं, यह एक जांच का विषय बनता हैं।
आबादी जमीन में व्यवसायिक उपयोग
मंडला जिले का भगवान ही मालिक हैं शायद इस जिले में न तो कोई नियम मानने वाला होता हैं और न ही कोई नियम कानून को मनवाने वाला इसी का एक उदाहरण हैं मंडला जिले में डॉक्टर गुरमोहन के द्वारा संचालित किया जाने वाला हेल्थ केयर हॉस्पिटल जो अपने विवादों के लिए भी जाना जाता हैं। और गलत तरीके से संचालन के लिए भी कटरा रोड पर हेल्थ केयर हॉस्पिटल जो डॉक्टर गुरु मोहन सिंह के द्वारा संचालित किया जा रहा हैं।
इस हॉस्पिटल में न तो उचित पार्किंग की व्यवस्थाएं हैं और न ही मरीज़ के साथ आने वाले अटेंडरों के लिए रुकने वा ठहरने के लिए कोई उचित जगह और व्यवस्थाएं। वहीं हेल्थ केयर हॉस्पिटल जिसका संचालन डॉक्टर गुरु मोहन सिंह के द्वारा कटरा रोड पर किया जा रहा हैं।वह एक आबादी जमीन पर बना हुआ हैं। और जिसका उपयोग व्यवसायिक तौर पर डॉक्टर गुरु मोहन सिंह के द्वारा किया जा रहा हैं जिसके चलते शासन को भारी आर्थिक क्षति पहुंचाई जा रही हैं।
हेल्थ केयर हॉस्पिटल में संचालित दवा दुकान में खुली लूट
वही सूत्रों से पता लगा हैं कि हेल्थ केयर हॉस्पिटल के अंदर दवा दुकान का संचालन किया जा रहा हैं। जिसमें धड़ल्ले से वहां पर जाने वाले मरीजों से मोटी रकम की वसूली की जाती हैं। जब मरीज हॉस्पिटल में जाता हैं तो वहां पर इलाज करवाने के बाद में दवाओं की जरूरत होती हैं जिसकी उपलब्धता हेल्थ केयर हॉस्पिटल में ही हो जाती हैं। परन्तु वहां पर मिलने वाली दवाओं का जो मूल्य होता हैं वह फिक्स मूल्य पर संबंधित मरीजों को दी जाती हैं। कभी कभी तो मरीज के साथ आने वाले अटेंडरों के द्वारा इसका विरोध भी जताया जाता हैं
कि जिले में बहुत से दवा दुकाने हैं वहां पर तो दवाओं में छूट दी जाती हैं फिर आपके यहां पर छूट क्यों नहीं दी जाती तो संबंधित मेडिकल संचालक के द्वारा मरीजों को धमकी भरे लहजे में जवाब दिया जाता हैं कि ये हमारा अस्पताल है और हमारी ही दवा दुकान तो इसका मूल्य भी हम लोग ही तय करेंगे न कि खरीददार।

इनका कहना है
मुझे आपके माध्यम से अवगत करवाया गया हैं मैं जल्द ही मामंले को संज्ञान में लेते हुए एक टीम गठित करती हूं और जिले में समस्त संचालित निजी क्लीनिक से लेकर अस्पतालों की जांच करवा लेती हूं समय समय पर मेरे द्वारा भी औचक निरीक्षण किया जायेगा क्या सही हैं और क्या गलत वैध अवैध इसकी जानकारी मुझे जांच टीम के द्वारा दी जाएगी तो निश्चित ही मेरे द्वारा कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
सीएमएचओ
डॉ. डी.जे. मोहंती
जिला मंडला
