बजाग। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर प्रकृति की गोद में बसे डगौना फाल में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दराज़ के गांवों से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचे और बुढ़नेर नदी में आस्था की डुबकी लगाकर बूढ़ी मैया और भगवान शिव की पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर यहां प्रतिवर्षानुसार दो दिवसीय मेले का आयोजन किया गया, जहां पहले ही दिन विशाल जनसमूह उमड़ पड़ा। पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास का माहौल देखने को मिला।
चट्टानों को चीरती हुई बहती बुढ़नेर नदी का निर्मल जल, गहरी दरारों के बीच कल-कल की ध्वनि करता झरना और चारों ओर फैली हरियाली के बीच लोगों ने धार्मिक गतिविधियों के साथ मेले का आनंद लिया। यहां पहुंचे श्रद्धालु विशाल चट्टानों के बीच संकरी घाटी से बहते पानी और प्रकृति की अद्भुत कारीगरी को निहारते रह गए। लोगों ने ऊपर बने पुल से गुजरते हुए तथा नीचे चट्टानों पर बैठकर प्राकृतिक दृश्य का भरपूर आनंद उठाया।
वनांचल क्षेत्र की हरित पहाड़ियों से घिरे डगौना फाल के झरने की गूंज श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव करा रही थी। कई परिवार चट्टानों पर बैठकर विश्राम करते नजर आए तो बच्चे जलधारा के पास उत्साह से घूमते दिखे।
मेला में मंदिर परिसर में जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। स्थानीय व्यापारियों ने भी विभिन्न प्रकार की दुकानें सजाईं, जिससे मेले का आकर्षण और बढ़ गया।
मेले में बच्चों के लिए विशेष आकर्षण रहा। झांपिंग-झपाक और मिकी माउस जैसे झूलों में बच्चों ने जमकर उछल-कूद की।
सभी वर्ग के लोगों ने झूलों का लुत्फ उठाया। वहीं मेले में गुड़गप्पा, जलेबी और मिठाई की दुकानों पर खासी भीड़ देखने को मिली। इसके अलावा खिलौने, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और अन्य सामानों की दुकानें भी सजी रहीं। डिंडोरी मंडला जिले के विभिन्न नगर गांवों के अलावा छ ग़ से
दोपहिया और चारपहिया वाहनों से जहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, वहीं आसपास के वनांचल क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पैदल भी मेले में शामिल होने आए।
कुल मिलाकर महाशिवरात्रि के अवसर पर डगौना फाल में आस्था, प्रकृति और सामाजिक समरसता का सुंदर संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने इसे यादगार और आध्यात्मिक अनुभव बताया।
