रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला
स्थानीय विद्या भूमि पब्लिक स्कूल के प्रांगण में आज विदाई समारोह ‘यादों के झरोखे से सुनहरे भविष्य की ओर’ का आयोजन किया गया।
इस दौरान विद्यालय का माहौल उस समय भावुक हो उठा जब कक्षा 11वीं के छात्र-छात्राओं ने अपने सीनियर साथियों (कक्षा 12वीं) को विदाई दी। जहाँ एक ओर विद्यालय छोड़ने का दुख था, वहीं दूसरी ओर जीवन के नए सोपानों पर कदम रखने का उत्साह भी विद्यार्थियों के चेहरों पर साफ झलक रहा था।

अरुप बने ‘मिस्टर’ और तृष्टि ‘मिस विद्या भूमि’
समारोह का मुख्य आकर्षण अलंकरण समारोह रहा। छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और व्यक्तित्व का परिचय दिया, जिसके आधार पर
मिस्टर विद्या भूमि: अरुप रॉय चौधरी
मिस विद्या भूमि तृष्टि रुपड़ा
को चुना गया।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा सभी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिह्न और उपाधियाँ प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
समय और अनुशासन ही सफलता की कुंजी डॉ. शेषराव यादव
छात्रों को प्रेरित करते हुए विद्यालय के चेयरमैन डॉ. शेषराव यादव ने जीवन के मूल मंत्र साझा किए। उन्होंने कहा, “समय दुनिया की सबसे अमूल्य संपत्ति है, इसे व्यर्थ के भटकाव में नष्ट न करें। अनुशासन ही वह आधार है जो आपको समाज में एक श्रेष्ठ इंसान के रूप में पहचान दिलाएगा।” प्रशासिका डॉ. श्रीमती विजया यादव, प्राचार्य एवं समस्त शिक्षक गणों ने भी छात्र-छात्राओं को बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु आशीर्वाद एवं मंगलकामनाएं दीं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पुरानी यादें कीं ताजा
कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों ने गीतों और नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियों के जरिए अपने सीनियर्स के प्रति सम्मान व्यक्त किया। विदाई की इस बेला में 12वीं के छात्र अपने स्कूल के दिनों को याद कर भावुक नजर आए। विद्यार्थियों ने भावुक स्वर में कहा कि विद्यालय से मिले संस्कार और शिक्षकों का मार्गदर्शन उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।
विशेष सम्मान मेधावी छात्रों को विशेष पुरस्कारों से नवाजा गया।
संकल्प विद्यार्थियों ने आगामी बोर्ड परीक्षा में विद्यालय का नाम रोशन करने का दृढ़ संकल्प लिया।
समापन कार्यक्रम का समापन भारी मन और सुनहरी यादों के साथ हुआ।
