घटिया रेत और कमजोर ईंट से बन रहा बालिका शौचालय

Revanchal
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निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

वनग्राम तांतर विद्यालय का मामला


बजाग – विकासखंड के अंतर्गत आने वाली एकीकृत माध्यमिक शाला तांतर में बन रहे बालिका शौचालय के निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएँ सामने आ रही हैं। निर्माण स्थल पर उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे भविष्य में भवन की मजबूती को लेकर चिंता जताई जा रही है।


मौके पर देखा गया कि निर्माण कार्य में घटिया किस्म की रेत और

गुणवत्ताहीन ईंटों का उपयोग किया जा रहा है। कई ईंटें इतनी कमजोर हैं कि हाथ लगाने से ही टूटकर टुकड़ों में बिखर रही हैं। वहीं रेत में मिट्टी की मात्रा अधिक दिखाई दे रही है, जिससे दीवारों की मजबूती पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है और आगे चलकर दीवारों में दरार आने की आशंका बनी हुई है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर शौचालय के लिए अलग से सेप्टिक टैंक का निर्माण भी नजर नहीं आ रहा है, जिससे इसकी उपयोगिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि निर्माणाधीन शौचालय को पूर्व में बने पुराने शौचालय के सेप्टिक टैंक से जोड़ने की तैयारी की जा रही है, ताकि नया सेप्टिक टैंक बनाने में आने वाला खर्च बचाया जा सके।

गंभीर बात यह है कि निर्माण के दौरान तकनीकी अमला निगरानी नहीं कर पा रहा है , जिसके कारण निर्माण एजेंसी मनमाने तरीके से काम कर रही है। यदि समय रहते गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया तो बच्चों के लिए बनाई जा रही यह सुविधा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ सकती है।


ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और गुणवत्तापूर्ण सामग्री से कार्य कराया जाए, ताकि छात्राओं को सुरक्षित और टिकाऊ शौचालय की सुविधा मिल सके।

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