सरकारी रुख: सरकार ने कहा है कि ग्लोबल एयर क्वालिटी रैंकिंग “ऑफिशियल” या आधिकारिक नहीं हैं 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) केवल सलाह या दिशा निर्देश देता है

सरकारी रुख: सरकार ने कहा है कि ग्लोबल एयर क्वालिटी रैंकिंग (जैसे कि IQAir द्वारा जारी की गई) “ऑफिशियल” या आधिकारिक नहीं हैं यह खबर भारतीय सरकारी अधिकारियों के बयानों से संबंधित है जिसमें उन्होंने वैश्विक वायु गुणवत्ता रिपोर्टों की आधिकारिकता पर सवाल उठाए हैं।

राज्यसभा में बयान: 

एक मंत्री ने राज्यसभा में कहा कि भारत सरकार बाहरी या विदेशी रिपोर्टों के आधार पर अपनी नीतियां नहीं बनाती है [1]।

इस रुख के माध्यम से, सरकार ने उन रिपोर्टों से खुद को दूर करने का प्रयास किया है जो अक्सर भारत के शहरों को दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में दर्शाती हैं। सरकार का कहना है कि वे अपने स्वयं के डेटा और विश्लेषण के आधार पर वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए नीतियां बनाते हैं।

राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि WHO की गाइडलाइंस का मकसद देशों को जियोग्राफी, एनवायर्नमेंटल कंडीशन, बैकग्राउंड लेवल और नेशनल हालात को ध्यान में रखते हुए अपने स्टैंडर्ड तय करने में मदद करना है।

उन्होंने कहा कि भारत ने पब्लिक हेल्थ और एनवायर्नमेंटल क्वालिटी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहले ही नेशनल एम्बिएंट एयर क्वालिटी स्टैंडर्ड्स (NAAQS) का गठन किया है। यह संस्था 12 मानकों पर काम करती है।

दिसंबर 2025 तक की नवीनतम (real-time) ग्लोबल एयर क्वालिटी रैंकिंग के अनुसार, 

सबसे प्रदूषित प्रमुख शहर (Real-Time AQI)

स्विस संगठन IQAir के लाइव वर्ल्ड एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) रैंकिंग के अनुसार, सबसे प्रदूषित प्रमुख शहरों की सूची इस प्रकार है (आंकड़े बदलते रहते हैं): 

  • 1. दिल्‍ली भारत: AQI 358 (हजारडस/Hazardous)
  • 2. लाहौर: AQI 330 (हजारडस/Hazardous)
  • 3. हनौई, वियतनाम: AQI 279 (बहुत अस्वास्थ्यकर/Very Unhealthy)
  • 4. कोलकाता, भारत: AQI 258 (बहुत अस्वास्थ्यकर/Very Unhealthy)
  • 5. कुवैत: AQI 231 (बहुत अस्वास्थ्यकर/Very Unhealthy) 

WHO की भूमिका: 

यह तर्क दिया गया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) केवल सलाह या दिशानिर्देश देता है, न कि कोई बाध्यकारी रैंकिंग जारी करता है ।

मंत्री ने यह भी साफ किया कि कोई भी ग्लोबल अथॉरिटी ऑफिशियली देशों को रैंक नहीं करती है।

हालांकि सरकार नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के तहत आने वाले 130 शहरों को एयर क्वालिटी सुधारने के अनुसार सर्वे करती है। हर साल 7 सितंबर को नेशनल स्वच्छ वायु दिवस पर बेहतर परफॉर्म करने वाले शहरों को सम्मानित किया जाता है।

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