करोड़ों की लागत वाले सबमर्सिल पुल में कोताही
बजाग – बजाग से सैलवार मार्ग पर विजाखन नदी पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत करोड़ों की लागत से बनाए जा रहे सबमर्सिबल ब्रिज के निर्माण में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। पुल के एवेडमेंट और स्टॉपर कैप के निर्माण में शुरुआती चरण में ही गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
निर्माणाधीन पुल के पहले पिलर के एवेडमेंट के निचले हिस्से में कई स्थानों पर दरारें स्पष्ट रूप से दिखाई दीं। स्थानीय लोगों के अनुसार जानकारी सार्वजनिक होने के बाद इन दरारों को ढकने का प्रयास भी किया गया। करोड़ों की लागत वाले इस पुल के निर्माण में तकनीकी अमले की निगरानी पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। आरोप है कि मॉनिटरिंग के अभाव में निर्माण एजेंसी मनमाने ढंग से कार्य कर रही है।
सूचना बोर्ड के अनुसार यह कार्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत किया जा रहा है। पुल की लंबाई लगभग 66 मीटर बताई गई है तथा स्वीकृत लागत करीब 2.39 करोड़ रुपये है। कार्यादेश अक्टूबर 2023 में जारी हुआ था और पूर्णता की तिथि अप्रैल 2025 अंकित है। इस हिसाब से कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा होना चाहिए था, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पूर्णता अवधि समाप्त होने के लगभग एक माह पूर्व ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया।
मौके पर देखा गया कि पहले पिलर में एवेडमेंट और स्टॉपर कैप के निर्माण के दौरान घटिया रेत का उपयोग कर कंक्रीट ढलाई की गई है। निर्माणाधीन हिस्से के निचले भाग में उभरी दरारें भविष्य में गंभीर समस्या का संकेत मानी जा रही हैं। जानकारों के अनुसार पुल का पहला पिलर अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि किसी भी वाहन का भार सबसे पहले इसी हिस्से पर पड़ता है। ऐसे में नींव और एवेडमेंट का मजबूत होना अनिवार्य है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की जा रही है। यदि प्रारंभिक चरण में ही संरचना में दरारें दिखाई दे रही हैं तो भारी वाहनों के आवागमन के बाद पुल की मजबूती प्रभावित हो सकती है, जिससे जनसुरक्षा पर खतरा मंडरा सकता है।
गौरतलब है कि बजाग से सैलवार मार्ग क्षेत्रीय आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मार्ग है। विजाखन नदी पर बन रहा यह सबमर्सिबल ब्रिज ग्रामीणों के लिए सुविधा का बड़ा माध्यम बनने वाला है, लेकिन यदि निर्माण में लापरवाही बरती गई तो यह उद्देश्य अधूरा रह सकता है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
