जबलपुर। शहर के क्राइम फाइल्स में एक नाम ऐसा है, जो पुलिस रिकॉर्ड में लाल घेरे में घिरा है …. अमित खम्परिया। यह वही शख्स है, जिसके खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी, फर्जी दस्तावेज़ और मारपीट से लेकर एससी-एसटी एक्ट तक के केस दर्ज हैं, लेकिन यह हर बार पुलिस की पकड़ से फिसल जाता है।
अब उसकी तलाश में जबलपुर, मदनमहल और बालाघाट ज़ोन की पुलिस एक साथ सक्रिय है। और इनाम इतना बढ़ा दिया गया है कि अमित को पकड़वाने वाला सीधे लाखपति बन सकता है।
अपराधों का ‘ब्लैक डोजियर’
दुर्गा कॉलोनी, संजीवनी नगर का रहने वाला अमित खम्परिया ….
संजीवनी नगर थाने के अपराध क्रमांक 134/2022 (धारा 420, 406, 386 भादवि)
अपराध क्रमांक 141/2022 (धारा 294, 323, 506 भादवि, धारा 3(1)द, 3(1)ध, 3(2)5क एससी/एसटी एक्ट)
मदनमहल थाने का अपराध क्रमांक 86/2022 (धारा 420, 406, 467, 468, 471, 474, 112, 120बी, 109, 204 भादवि)
में वांछित है।
ये धाराएं सिर्फ क़ानून की किताब के नंबर नहीं हैं, ये एक ऐसे अपराधी की पूरी आपराधिक प्रोफ़ाइल हैं, जिसने कानूनी जाल को अब तक चकमा दे रखा है।
इनाम की रकम अब हाई-वोल्टेज मोड में
पहले अमित पर 15-15 हजार रुपये का इनाम था। अब पुलिस ने दांव दोगुना कर दिया है …. संजीवनी नगर और मदनमहल थानों से 30-30 हजार रुपये, आईजी बालाघाट ज़ोन से 30 हजार रुपये और एक केस के आवेदक से 50 हजार रुपये का अलग इनाम। कुल इनाम अब 1 लाख 40 हजार रुपये तक पहुंच गया है।
पुलिस का सख़्त अलर्ट
सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा, लेकिन जानकारी पुख्ता होनी चाहिए ….
पुलिस अधीक्षक कार्यालय जबलपुर: 0761-2676111
थाना प्रभारी संजीवनी नगर: 9479993896
थाना प्रभारी मदन महल: 9479994043
फिल्मी सस्पेंस, असली कहानी
शहर में चर्चा है कि अमित खम्परिया की पहुंच सिर्फ गली-मोहल्ले तक नहीं, बल्कि उन गलियारों तक है, जहां वर्दी के पीछे भी चुप्पी होती है। उसके पास ठिकाने बदलने की कला है, और दोस्ती-रिश्तेदारी का ऐसा नेटवर्क, जो पुलिस के लिए दीवार बन जाता है।
लोग कहते हैं …. अगर यह गिरा, तो कई चेहरे बेनकाब होंगे। लेकिन सवाल अब भी वही है …. क्या पुलिस उसे पकड़ पाएगी, या अमित खम्परिया इस बार भी किसी फिल्मी विलेन की तरह आखिरी सीन में भीड़ में गुम हो जाएगा?
रिपोर्ट मोहम्मद अकरम अंसारी
