स्वामी रामभद्राचार्य पर भी टिप्पणी करने पर अदालत ने उन्हें तलब किया है।
जबलपुर: मध्य प्रदेश की जबलपुर जिला अदालत ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को तलब किया है और उन्हें 12 नवंबर को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। यह आदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति और जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य के खिलाफ उनकी कथित अपमानजनक और भ्रामक टिप्पणियों के संबंध में आया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “गौ-हत्यारा” कहा था। उन्होंने राष्ट्रपति के आदेश पर भी सवाल उठाए थे और उन पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में सेवानिवृत्त कर्मचारी नेता रामप्रकाश अवस्थी ने एक याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया है कि शंकराचार्य ने न केवल प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की, बल्कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य के बारे में भी गलत जानकारी फैलाई। अदालत ने धारा 256, 399, 302 और आईटी एक्ट की धारा 66ए व 71 के तहत मामले की सुनवाई करते हुए समन जारी किया है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अब 12 नवंबर को अदालत में पेश होंगे।
