दैनिक रेवांचल टाइम्स सिवनी- नगर पालिका परिषद के निर्माण कार्यों की सच्चाई एक बार फिर सामने आ गई है। सीवी रमन वार्ड — जो कि नगर पालिका के कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोडिया का ही वार्ड है — जहां पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विजय चौरसिया के मकान के सामने से डी.पी. चतुर्वेदी कॉलेज मार्ग पर बनी पुलिया हफ्ते भर में ही धंस गई।

चौंकाने वाली बात यह है कि निर्माण के दौरान निकला मलबा अब तक हटाया नहीं गया , इसके बावजूद पुलिया को हफ्तों बाद आज ही आवागमन के लिए खोला गया। नतीजा यह हुआ कि बिना गुणवत्ता, बिना सफाई और बिना जांच के बनाई गई पुलिया ने अपनी हालत खुद बयां कर दी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह महज लापरवाही नहीं बल्कि नगर पालिका में चल रहे खुले भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और कागजी गुणवत्ता प्रमाणन का नतीजा है। नियमों को ताक पर रखकर ठेकेदार को भुगतान, इंजीनियरों की आंखें बंद और जिम्मेदारों की चुप्पी — यही इस धंसी पुलिया की असली कहानी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि
बिना मलबा हटाए पुलिया खोलने की अनुमति किसने दी?
गुणवत्ता जांच रिपोर्ट किस आधार पर बनाई गई?
और क्या इस मामले में किसी पर कार्रवाई होगी या फिर यह भी अन्य मामलों की तरह दबा दिया जाएगा?
खबरों और शिकायतों के बावजूद प्रशासन का मौन यह साफ संकेत दे रहा है कि नगर पालिका में जवाबदेही पूरी तरह खत्म हो चुकी है। अगर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे घटिया निर्माण किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं।
