छिंदवाड़ा रेवांचल टाइम्स सूर्यकांत भट्ट
छिंदवाड़ा शासन की तमाम योजनाओं व विभाग के निर्देशों को एक तरफ रखकर बिछुआ विकासखंड अंतर्गत जनजातीय विभाग द्वारा संचालित छात्रावास अधीक्षक रमेश पराडकर आये दिन शासन की योजनाओं के विपरीत मनमाने तरीके से कर रहे छात्रावास संचालन 50 सीटर छात्रावास में रहते हैं सिर्फ 25 छात्र बगैर मेनू और जली रोटियों के साथ दिया जाता है, आधा पेट गुणवत्ता हीन भोजन भरपेट या अधिक मांगने पर कहा जाता है की तुम्हारे घर में तो इतना भी नही मिलता।
छात्रों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया की अधीक्षक करवाते है हर 2-3 दिनों में शरीर की मालिश। मना करने पर डंडों से करते है पिटाई। छात्रावास के चपरासी दिलीप सातनकर द्वारा भी बच्चों से गाली गलौच की जाती है और आए दिन बच्चों से मारपीट की जाती है । इतना ही नही छात्रावास परिसर में लगा रहता है गंदगी का अम्बार।
अब देखना होगा की लगातार पालकों अभिभावकों और ग्रामीण जनों की शिकायत के बाद भी पैसे और राजनीति के बल पर हमेशा बचने वाले अधीक्षक रमेश पराडकर और चपरासी दिलीप सातनकर पर इस बार कब और कैसी होगी कार्रवाई।
(1 )बच्चो को कमरे में चप्पल प्रतिबंधित है
(2 ), 6 वी से 10 वी तक 2 रोती, 11 से 12 तक 3 रोटी मात्र
(3) केवल 1 कम्बल
(4) अधीक्षक चपरासी के भरोसे हॉस्टल चला रहा, ज्यादातर एब्सेंट
(5) अटेंडेंस रजिस्टर नहीं मिला
(6) खेल मैदान में खेती की जा रही हैं
(7) एप्रोच रोड एक साल में ही टूट गई दरारें पड़ गए
(8) भवन एक साल में ही जर्जर
(9) बच्चो से जबरन अरहर में पेस्टीसाइड स्प्रे करवाता हैं, नहीं करने पर मारता हैं
(10) अच्छा खाना पुड़ी, खीरा, आज तक नसीब नहीं हुआ
(11) शिकायत करने पर बच्चो को मारता हैं
इससे पहले भी सांभर बोह छात्रावास में रह चुके अधीक्षक उसे छात्रावास में भी उनका यही आलम था इस छात्रावास अधीक्षक की गंभीरता पूर्वक जांच की जाए
