रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला
धरमटेकड़ी खापाभाट स्थित श्री माता दाई मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री विद्यार्थी रामायण मंडल द्वारा आयोजित साप्ताहिक संगीतमय रामायण पाठ ने पूरे गांव को राममय बना दिया। मंदिर परिसर में जैसे ही रामायण के पावन दोहे, चौपाइयों और मधुर भजनों की स्वर लहरियां गूंजीं, वातावरण पूरी तरह भक्तिरस में डूब गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत पूजन-अर्चन के साथ हुआ।
मंडल के सदस्यों ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन के प्रेरणादायक प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण और संगीतमय प्रस्तुतीकरण किया। रामायण की चौपाइयों का ओजपूर्ण वाचन और भजनों की मधुर धुनों ने श्रद्धालुओं के हृदय को स्पर्श किया। पूरे मंदिर परिसर में “जय श्रीराम” के जयघोष से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता रहा।
विशेष बात यह रही कि कार्यक्रम में गांव के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कई श्रद्धालु भक्ति भाव में झूमते और राम नाम का गुणगान करते नजर आए। संगीतमय पाठ ने ऐसा समां बांधा कि हर कोई स्वयं को भगवान श्रीराम की भक्ति में लीन अनुभव कर रहा था।
आयोजन के दौरान वक्ताओं ने रामायण के आदर्शों—मर्यादा, त्याग, सेवा और सत्य—को जीवन में अपनाने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारा और एकता को भी मजबूत करते हैं। ग्रामीणों ने भी इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे गांव की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त करने वाला बताया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर भव्य सामूहिक आरती संपन्न हुई। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने एक साथ आरती में भाग लेकर भक्तिभाव से भगवान श्रीराम का स्मरण किया। आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। प्रसाद ग्रहण करते समय श्रद्धालुओं के चेहरों पर संतोष, आस्था और उल्लास स्पष्ट झलक रहा था।
इस प्रकार श्री विद्यार्थी रामायण मंडल का साप्ताहिक संगीतमय रामायण पाठ अत्यंत गरिमामय और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आयोजन ने न केवल मंदिर परिसर को बल्कि पूरे गांव को रामभक्ति से ओतप्रोत कर दिया और धार्मिक-सांस्कृतिक चेतना का प्रेरक संदेश दिया। कार्यक्रम का आयोजन धरमटेकड़ी माता दाई के वरिष्ठ सदस्य ठा. मनमोहन सिंह व सम्पूर्ण मंदिर समिति द्वारा किया गया
