बजाग क्षेत्र में 26 घंटे का ब्लैकआउट, 25 घंटे तक फाल्ट तलाशता रहा बिजली अमला

Revanchal
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60 से 70 गांव अंधेरे में डूबे रहे, बारिश के बीच खेतों और नालों के रास्ते फाल्ट खोजने में जुटे रहे कर्मचारी

दैनिक रेवांचल टाइम्स बजाग। शनिवार शाम से शुरू हुई करीब 12 घंटे की मूसलाधार बारिश ने जहां क्षेत्र के नदी-नालों को उफान पर ला दिया, वहीं विद्युत व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई। बारिश के बीच बजाग क्षेत्र के ग्रामीण और वनांचल इलाकों में करीब 26 घंटे तक बिजली गुल रही। रविवार सुबह करीब 10 बजे आउटफीडरों की बिजली बंद हुई, जबकि बजाग टाउन की आपूर्ति दोपहर करीब 12 बजे बाधित हुई। बिजली आपूर्ति सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे बहाल हो सकी।
नगर के परडिया स्थित सब स्टेशन से विद्युत आपूर्ति बाधित होते ही विभागीय अमला फाल्ट तलाशने में जुट गया। विभाग के अनुसार गाड़ासरई और बजाग के बीच 33 केवी लाइन में फाल्ट आने के कारण बजाग सब स्टेशन से संचालित टाउन सहित तीन से चार आउटफीडरों की बिजली बंद हो गई। वहीं वनग्राम चांडा उपकेंद्र से जुड़े वनग्रामों में भी बिजली आपूर्ति ठप हो गई। दोनों स्टेशनों से जुड़े करीब 60 से 70 गांवों में लगातार 26 घंटे तक अंधेरा पसरा रहा।
बारिश और अंधेरे के बीच 25 घंटे चला फाल्ट खोजने का अभियान
फाल्ट की जानकारी मिलने के बाद करीब 12 से 15 विद्युतकर्मी रविवार दोपहर से रात करीब दो बजे तक गाड़ासरई से बजाग के बीच 33 केवी लाइन को खंगालते रहे। लालपुर, पटपरा, धनौली, सिंगारसत्ती सहित आसपास के गांवों के क्षेत्र में पानी से भरे खेतों और दुर्गम रास्तों के बीच कर्मचारी फाल्ट तलाशते रहे, लेकिन रात तक सफलता नहीं मिली।
बारिश और घने अंधेरे के कारण वनांचल क्षेत्र में लोगों की परेशानी और बढ़ गई। पूरी रात बिजली नहीं होने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना रहा। मोबाइल नेटवर्क और संचार व्यवस्था भी प्रभावित होने से लोगों को एक-दूसरे से संपर्क करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सोमवार को फिर शुरू हुआ अभियान, नाले के पास मिला झुका पोल
सोमवार सुबह आउटसोर्स कर्मचारियों, विद्युत विभाग के अमले और जिला मुख्यालय से पहुंची टीम ने दोबारा फाल्ट तलाशने का अभियान शुरू किया। कई घंटे इलाके की खाक छानने के बाद दोपहर करीब दो बजे सिंगारसत्ती और नीमटोला गांव के बीच एक नाले के समीप 33 केवी लाइन का विद्युत पोल झुका हुआ मिला। पोल के झुकने के कारण विद्युत तार जमीन की ओर आ गए थे और लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी।
बताया गया कि नाले के किनारे काली मिट्टी में लगा पुराना विद्युत पोल लगातार बारिश के दबाव को सहन नहीं कर सका और झुक गया। इसके चलते लाइन में फाल्ट आया और पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। कर्मचारियों ने पोल को उठाकर लाइन को दुरुस्त किया, जिसके बाद सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। बिजली आते ही ग्रामीणों और उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली।
पुराने पोल और तार बन रहे परेशानी का कारण
लगातार सामने आ रही विद्युत समस्याओं को लेकर उपभोक्ताओं का कहना है कि नदियों और नालों के किनारे लगाए गए कई बड़े विद्युत पोल काफी पुराने हो चुके हैं। बारिश के दौरान मिट्टी नरम होने से इनके झुकने और क्षतिग्रस्त होने का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह आउटफीडरों में भी पुराने पोल और तारों के सहारे विद्युत आपूर्ति संचालित हो रही है।
उपभोक्ताओं ने विद्युत लाइनों और पुराने पोल का नवीनीकरण कराने की मांग की है, ताकि बारिश के दौरान बार-बार होने वाली लंबी विद्युत कटौती से ग्रामीणों को राहत मिल सके।
बिजली गुल होते ही गायब हुआ मोबाइल नेटवर्क
बिजली संकट के साथ ही नगर में मोबाइल नेटवर्क की समस्या ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। उपभोक्ताओं के अनुसार नगर में संचालित जियो नेटवर्क सिस्टम बिजली पर निर्भर है। बिजली जाने के एक-दो घंटे बाद नेटवर्क कमजोर होने या पूरी तरह गायब होने की समस्या सामने आती है।
लगातार 26 घंटे बिजली गुल रहने के कारण लोगों को मोबाइल कॉल और इंटरनेट सेवा के लिए भी परेशान होना पड़ा। उपभोक्ताओं का कहना है कि नेटवर्क सेवा प्रदाता को बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक पावर बैकअप की पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि लंबे समय तक बिजली गुल रहने पर भी मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं जारी रह सकें। उपभोक्ताओं का कहना है कि नेटवर्क नहीं मिलने के कारण उनका रिचार्ज किया हुआ डाटा भी उपयोग नहीं हो सका।

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