खुल रही पोल: गुणवत्ताहीन रेत के इस्तेमाल से परडिया में निर्माणाधीन पाइप पुलिया का चटक रहा का बेस

Revanchal
5
4 Min Read

पुलिया निर्माण कार्य में दो हफ्ते का नहीं हुआ मजदूरी भुगतान: काम हुआ बंद,

लगातार काम बंद होने से साइड बाल के लिए खोदे गए गए गड्ढे बन सकते है दुर्घटना का कारण,

उपयंत्री घर में बैठकर कर रहे मॉनिटरिंग,

दैनिक रेवांचल टाइम्स बजाग – ग्राम पंचायत परडिया डोंगरी में निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। चाहे मामला सीसी सड़क निर्माण का हो या पुलिया निर्माण का, लगातार घटिया निर्माण कर शासकीय राशि के दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं। ताजा मामला मुकद्दम टोला में निर्माणाधीन पुलिया का सामने आया है, जहां ग्रामीणों ने गुणवत्ता विहीन कार्य और भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि पुलिया निर्माण में घटिया रेत और कमजोर सामग्री का उपयोग कर बेस तैयार किया गया, जिसमें निर्माण के कुछ समय बाद ही दरारें दिखाई देने लगी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यहां करीब दो दर्जन मजदूरों ने दो सप्ताह से अधिक समय तक काम किया, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी मजदूरी भुगतान नहीं किया गया। मजदूरी नहीं मिलने से मजदूरों ने काम बंद कर दिया, जिससे निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और पंचायत के जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
लगातार एक महीने से निर्माण कार्य बंद पड़े रहने के कारण पुलिया के साइड वाल निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे अब आम लोगों के लिए कभी भी परेशानी और दुर्घटना का कारण बन सकते है हैं। जिस स्थान पर पुलिया निर्माण हो रहा है वह ऊपर टोला और नीचे टोला को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, जहां दिनभर ग्रामीणों और मवेशियों का आवागमन बना रहता है। सड़क किनारे खुले गड्ढों के चलते रात के समय दुर्घटना होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अंधेरे में आने-जाने वाले लोग कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं, लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत बजाग अंतर्गत ग्राम पंचायत परडिया डोंगरी के वार्ड क्रमांक 2 में लगभग 10 लाख रुपये की लागत से पाइप पुलिया का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उपयंत्री, सरपंच और सचिव की मिलीभगत से तय मानकों को दरकिनार कर कम लागत में घटिया निर्माण कराया जा रहा है, ताकि अधिक लाभ कमाया जा सके।
ग्रामीणों ने बताया कि जिस स्थान पर पुलिया बनाई जा रही है वहां बरसात के समय तेज बहाव से पानी गुजरता है। ऐसे में कमजोर निर्माण होने के कारण भविष्य में पुलिया क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण की गुणवत्ता नहीं सुधारी गई तो बारिश के दौरान आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि निर्माण शुरू होने के समय ही ग्रामीणों ने पाइप पुलिया का विरोध करते हुए पिलर आधारित मजबूत पुल निर्माण की मांग की थी, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया। अब निर्माण में दरारें आने और कार्य बंद होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार पूर्व में भी मामले की शिकायत अधिकारियों से की गई थी और जांच की बात कही गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। इससे लोगों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जाए तथा मजदूरों का लंबित भुगतान तत्काल कराया जाए, ताकि अधूरा पड़ा पुलिया निर्माण कार्य जल्द पूरा हो सके।

Share This Article
Translate »