दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मूंग एवं उड़द की समर्थन मूल्य खरीदी के लिए शुरू किए गए पंजीयन कार्य में भारी अव्यवस्था सामने आ रही है।
वही जानकारी के अनुसार पनागर में किसानों का आरोप है कि गिरदावरी कार्य पूरा न होने के कारण पंजीयन केंद्रों पर उनका पंजीयन नहीं हो पा रहा, जिससे किसान परेशान और चिंतित हैं। इस मामले को लेकर भारतीय किसान संघ ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
भारतीय किसान संघ महाकौशल प्रांत के प्रांत महामंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि मध्यप्रदेश सरकार ने मूंग एवं उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीदी हेतु 25 मई से 15 जून 2026 तक पंजीयन कराने के निर्देश जारी किए थे और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया गया।लेकिन जमीनी स्तर पर किसान जब पंजीयन केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, तब उन्हें यह कहकर वापस लौटाया जा रहा है कि अभी तक गिरदावरी का कार्य पूरा नहीं हुआ है। कई क्षेत्रों में गिरदावरी शुरू तक नहीं हो पाई है, जबकि पंजीयन की अंतिम तिथि नजदीक आ चुकी है। इससे किसानों में असमंजस और आक्रोश की स्थिति बनी हुई है।
भारतीय किसान संघ ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। संघ का कहना है कि सरकार तत्काल स्पष्ट करे कि मूंग-उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीदी होगी या नहीं, ताकि किसानों को अनिश्चितता की स्थिति में न रहना पड़े। साथ ही गिरदावरी कार्य युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए तथा गिरदावरी पूर्ण होने के बाद पंजीयन की अंतिम तिथि पर्याप्त समय देकर बढ़ाई जाए, जिससे कोई भी पात्र किसान खरीदी प्रक्रिया से वंचित न रहे।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकारी लापरवाही के कारण किसान समर्थन मूल्य खरीदी से वंचित होते हैं तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
इस मांग को लेकर प्रांत संगठन मंत्री तुलाराम, प्रांत अध्यक्ष गजराज सिंह, जिला अध्यक्ष रामदास पटेल, जिला मंत्री धनंजय सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान एवं संगठन पदाधिकारियों ने समर्थन दिया है।
