दो दिन पानी, फिर कई दिन इंतजार! जल निगम की कार्यशैली पर सवाल।

Revanchal
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फुलारा, कातलबोड़ी, मड़वा और हथनापुर बूंद-बूंद पानी को तरसे

महिलाएं रोजाना दूर-दूर से ढो रहीं पानी, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की जमीनी निरीक्षण की मांग

दो दिन पानी, फिर कई दिन सूखी टोंटियां

दैनिक रेवांचल टाइम्स सिवनी– जिले के फुलारा, कातलबोड़ी, मड़वा और हथनापुर सहित कई गांवों में जल जीवन मिशन की पेयजल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि दो दिन पानी मिलने के बाद कई दिनों तक जलापूर्ति बंद हो जाती है, जिससे लोग गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं।

करोड़ों खर्च, लेकिन पानी के लिए जद्दोजहद जारी

ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई नई व्यवस्था अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही है। पुरानी नल-जल योजना में कभी-कभार व्यवधान आता था, लेकिन अब नई व्यवस्था भी नियमित जलापूर्ति देने में विफल नजर आ रही है।

कभी मोटर, कभी पाइपलाइन, कभी बिजली फॉल्ट

ग्रामीणों के अनुसार हर बार नई वजह सामने आती है। कभी मोटर खराब होने, कभी पाइपलाइन फूटने और कभी बिजली फॉल्ट का हवाला देकर पानी की सप्लाई बाधित हो जाती है।

व्यवस्था सुधारने से ज्यादा शिकायतें बंद कराने पर जोर?

ग्रामीणों का आरोप है कि जल निगम और एलएनटी का ध्यान स्थायी समाधान करने के बजाय शिकायतों, विशेषकर सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निस्तारण पर ज्यादा केंद्रित रहता है। उनका कहना है कि यदि व्यवस्था सुधार दी जाए तो शिकायतें अपने आप कम हो जाएंगी।

पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से बढ़ी परेशानी

ग्रामीणों के मुताबिक कुछ माह पहले पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। अब कई परिवारों को एक से दो किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है।

महिलाओं का दिन पानी जुटाने में गुजर रहा

सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ रही है। घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उनका अधिकांश समय पानी की व्यवस्था करने में ही निकल जाता है।

कलेक्टर से लगाई उम्मीद

ग्रामीण महिलाओं ने कलेक्टर से मांग की है कि वे फुलारा, कातलबोड़ी, मड़वा और हथनापुर गांवों का स्वयं निरीक्षण कर जल जीवन मिशन की जमीनी स्थिति देखें, ताकि कागज और धरातल के बीच का अंतर सामने आ सके और समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।

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